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  • घर आँगन में खुशियाँ नाचे…

    By 22 Oct, 2022

    गीत निशाअतुल्य घर आँगन में खुशियाँ नाचे, आई जगमग शुभ दीवाली ।लक्ष्मी माता लेकर आई, धन...

  • बेटी दिवस।

    By 25 Sep, 2022

    निशा गुप्ता सारे रिश्ते बेटी बोती ।सुख की छैया कब है सोती ।।रहे पिता की राज...

  • “नेहर”

    By 20 Sep, 2022

    【गीत】 “निशा गुप्ता“ सखियाँ बरसो बाद मिली है , गीत मधुर हम गाएँगे ।बचपन की वो...

  • हिंदी

    By 14 Sep, 2022

    【निशा गुप्ता】 बढ़े मान हिन्दी सदा मन धरें,सभी काम हिन्दी सकल जग करें।कहें मातृ भाषा सभी...

  • धै लगा धवड़ि लगा।

    By 10 Sep, 2022

    गढ़वाली कविता 【हरदेव नेगी】 धै लगा – धवड़ि लगा, आंदोलन की जोत जगा,उठ्ठा ज्वानों एक जुट...

  • “छोटी सी जिंदगी”

    By 03 Sep, 2022

    “कविता“ (हरदेव नेगी) छोटी सी जिंदगीउसमें भी भ्रष्टाचार,जवानी गुजरी कॅम्पीटीशन मेंसपने हो गये हैं लाचार ।।...

  • एक वादा खुद से करें आज….

    By 05 Jun, 2022

    कविता “विश्व पर्यावरण दिवस“ दीपशिखा गुसाईं (दीप) एक वादा खुद सेकरें हम आज.. .इस ठंडे होते...

  • फिजूलखर्ची।

    By 30 May, 2022

    “कविता“ (मंजुला बिष्ट) शाम चार बजेस्कूल का बस्ता पीठ पर लादेजब गाँव भर के बच्चे घर...

  • अलौकिक श्रीनगर गढ़वाल हमारा।

    By 17 May, 2022

    कविता “हरदेव नेगी“ ये प्रकृति की सतरंगी चालदूर चमकता नन्दा हिवांळ,वो बदल रहा अनोखा स्वरूप,कितना अलौकिक...

  • भीड़ भी तन्हाई भी है।

    By 16 May, 2022

    निशा”अतुल्य” भीड़ में अकेले सफर करती जिंदगी ,तन्हाइयों में यादों के घेरे ,लिए चलती जिंदगी ।सफर...

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