उत्तराखण्ड
मुख्य सचिव ने मेगा प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की, समयबद्ध निर्माण और नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश।

संवादसूत्र देहरादून, 7 अगस्त। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश के विभिन्न मेगा प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना के लिए मासिक और त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित कर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
समीक्षा बैठक में ऊर्जा विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड जल विद्युत निगम, पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन और यूपीसीएल की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने लॉस रिडक्शन कार्यों के वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्य तय कर समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत विद्युतीकरण कार्यों के लिए भी मासिक लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का कार्य शीघ्र पूरा कर वहां जल्द से जल्द कक्षाएं शुरू कराने पर जोर दिया। साथ ही हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने शारदा घाट परियोजना में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने आगामी कुंभ-2027 को ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर का कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा किए जा सकने वाले हिस्से से तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन कामकाजी महिला छात्रावासों के संचालन के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करने को भी कहा गया।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, चंद्रेश कुमार यादव, सी. रविशंकर, विनोद कुमार सुमन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




