उत्तराखण्ड
एसआईआर अभियान की समीक्षा, जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर सुनवाई प्रक्रिया तेज करने के निर्देश।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने शनिवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत चल रहे नोटिस एवं सुनवाई चरण की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले तीन सप्ताह जिलाधिकारी पूरी तरह एसआईआर की सुनवाई प्रक्रिया पर फोकस करें और अधिकतम समय फील्ड में रहकर मतदाताओं की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिलाधिकारी, एडीएम और एसडीएम केवल राजनीतिक दलों के साथ बैठक के समय ही कार्यालय में रहें, अन्यथा फील्ड विजिट का रोस्टर बनाकर जनता के बीच रहें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई मतदाता किसी कारणवश सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाता है तो उसे पर्याप्त समय देते हुए दोबारा सुनवाई का अवसर दिया जाए, ताकि किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने सभी जनपदों को सप्ताह में दो बार राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर फीडबैक लेने के निर्देश दिए। मान्यता प्राप्त दलों के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों के सुझाव भी लिए जाएं। साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को भी जिलों का भ्रमण कर मतदाताओं से फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने ईआरओ को एईआरओ और बीएलओ के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मतदान केंद्रों पर 100 से अधिक नोटिस जारी हुए हैं, वहां विशेष निगरानी और प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का ने सभी ईआरओ को क्लस्टर स्तर पर बीएलओ सुपरवाइजर और बीएलओ के नियमित प्रशिक्षण सत्र जारी रखने के निर्देश दिए।
बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) उपस्थित रहे।




