उत्तराखण्ड
सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करेगा राज्य,मुख्यमंत्री ने दिए दीर्घकालिक योजना के निर्देश।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं केवल वर्तमान आवश्यकताओं के लिए नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। उन्होंने योजनाओं के एकीकरण (इंटीग्रेशन), वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक स्थायित्व पर विशेष जोर देते हुए उत्तराखंड को सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में देश के लिए “बेस्ट प्रैक्टिस” मॉडल बनाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास, डोईवाला (देहरादून), बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास, पाइनस (नैनीताल) तथा बाबू जगजीवन राम बालिका छात्रावास, सोमेश्वर (अल्मोड़ा) के निर्माण कार्य हर हाल में अक्टूबर 2026 तक पूरे किए जाएं, ताकि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को शीघ्र बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास सभागार से डीबीटी (वन क्लिक) के माध्यम से जून 2026 की पेंशन राशि जारी की। इसके तहत 9,80,950 लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल ₹145.42 करोड़ सीधे हस्तांतरित किए गए। इसमें केंद्र सरकार का योगदान लगभग ₹7.02 करोड़ तथा राज्य सरकार का अंश लगभग ₹138.40 करोड़ रहा।
जारी पेंशन में 6,11,245 वृद्धावस्था पेंशनधारकों को ₹91.69 करोड़, 2,35,850 विधवा पेंशन लाभार्थियों को ₹35.38 करोड़, 88,787 दिव्यांग पेंशनधारकों को ₹13.32 करोड़, 27,207 किसान पेंशन लाभार्थियों को ₹3.26 करोड़, 8,258 परित्यक्ता पेंशन लाभार्थियों को ₹99.10 लाख, 7,297 भरण-पोषण अनुदान लाभार्थियों को ₹51.08 लाख, 2,179 तीलू रौतेली पेंशन लाभार्थियों को ₹26.15 लाख तथा 127 बौना पेंशन लाभार्थियों को ₹1.52 लाख की सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 60 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही पात्र नागरिकों को स्वतः वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलना चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक औपचारिकताओं से न गुजरना पड़े और समय पर सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध हो सके।
बैठक में बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना की भी समीक्षा की गई। योजना के तहत अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को माध्यमिक, उच्च एवं विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा के लिए छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। केंद्र सरकार प्रति छात्रावास ₹3.25 करोड़ तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है, जबकि आवश्यकता होने पर राज्य सरकार अतिरिक्त राशि देकर आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण छात्रावासों का निर्माण सुनिश्चित करती है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, समाज कल्याण सचिव तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




