उत्तराखण्ड
भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा का निधन, राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक।

संवादसूत्र देहरादून /नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाजी जगत के दिग्गज खिलाड़ी, कोच और पद्मश्री सम्मानित जसपाल राणा का शुक्रवार को दिल्ली में निधन हो गया। वह 49 वर्ष के थे। उनके निधन से भारतीय खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अनेक नेताओं और खेल हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से लौटते समय विमान यात्रा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। दिल्ली पहुंचने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हृदय संबंधी समस्या के उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते थे। उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई चैंपियनशिप सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। खिलाड़ी के साथ-साथ कोच के रूप में भी उन्होंने भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। युवा प्रतिभाओं को तैयार करने में उनके योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जसपाल राणा ने अपने शानदार प्रदर्शन और मार्गदर्शन से भारतीय खेल जगत को नई दिशा दी। उनका समर्पण और अनुशासन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने निशानेबाजी में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश का मान बढ़ाया और एक मेंटर के रूप में अनेक युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला सहित अनेक नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय खेलों में उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।
जसपाल राणा का नाम भारतीय निशानेबाजी के स्वर्णिम अध्यायों में सदैव सम्मान के साथ लिया जाएगा। एक खिलाड़ी, प्रशिक्षक और प्रेरक व्यक्तित्व के रूप में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।




