आपदा
27 जुलाई से ऑरेंज अलर्ट, आपदा प्रबंधन विभाग ने बढ़ाई सतर्कता।

संवादसूत्र देहरादून: प्रदेश में सक्रिय मानसून और आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलों को उच्च सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने राहत, पुनर्बहाली और आपदा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा करते हुए बंद ग्रामीण सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द खोलने के निर्देश दिए
सचिव ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और संबंधित एजेंसियों से कहा कि सभी बंद मार्गों, विशेषकर ग्रामीण सड़कों को शीघ्र यातायात के लिए बहाल किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से मार्ग खोलने में आ रही बाधाओं की जानकारी लेकर उनका तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा, ताकि प्रभावित क्षेत्रों तक राहत और आवश्यक सेवाएं समय पर पहुंच सकें।
बैठक में प्रमुख बांधों और बैराजों के जलस्तर की भी समीक्षा की गई। सचिव ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 27 से 29 जुलाई तक देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और टिहरी समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, पूर्व तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार रात्रिकालीन वाहन संचालन नियंत्रित या प्रतिबंधित करने तथा चारधाम यात्रा के दौरान प्रत्येक धाम में रात्रि विश्राम कर रहे यात्रियों का दैनिक विवरण राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में कैलाश मानसरोवर यात्रा और कांवड़ यात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा की गई तथा भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाओं, यातायात व्यवस्था और आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत रखने पर जोर दिया गया।
सचिव विनोद कुमार सुमन ने निर्देश दिए कि आपदा के दौरान साहसिक और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आपदा मित्रों को 26 जनवरी, 15 अगस्त और उत्तराखंड स्थापना दिवस (9 नवंबर) पर सम्मानित किया जाए। साथ ही सभी जिलों को आईडीआरएन पोर्टल पर उपलब्ध आपदा प्रबंधन उपकरणों, मशीनरी और प्रशिक्षित मानव संसाधनों का विवरण अपलोड करने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में संसाधनों की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि विश्व बैंक सहायता प्राप्त यूप्रिपेयर परियोजना के तहत राज्य की तहसीलों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, डिजिटल स्क्रीन, लैपटॉप, कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट और वाई-फाई जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे आपदा के समय राज्य, जिला और तहसील स्तर के बीच समन्वय और त्वरित निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकेगी।




