उत्तराखण्ड
कर्मचारी संगठनों की मांगों पर सीएम ने दिए समाधान के निर्देश।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडलों ने अपने-अपने विभागों और संवर्गों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को मुख्यमंत्री के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने सभी की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को नियमानुसार परीक्षण कर उचित कार्रवाई और समाधान के निर्देश दिए।
शिक्षा अधिकारी प्रशासनिक संवर्ग एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने गोविंद राम जायसवाल के नेतृत्व में मुलाकात कर निदेशक, अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक और खंड शिक्षा अधिकारियों के रिक्त पदों पर विभागीय पदोन्नति की मांग रखी। साथ ही परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बाद कार्मिकों के स्वतः स्थायीकरण की व्यवस्था का अनुरोध किया।
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, जल संस्थान ने जल संस्थान के राजकीयकरण की मांग उठाई। उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक कार्मिकों के रिक्त पद भरने, संस्कृत विश्वविद्यालय में गैर-शिक्षण कार्मिकों के पदों के पुनर्गठन तथा जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रयोगशाला सहायकों को अन्य विश्वविद्यालयों के समान वेतनमान देने का अनुरोध किया।
उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने 25 अक्टूबर 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने तथा वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी में शिथिलता देने की मांग रखी।
इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संगठन, एएनएम संवर्ग संगठन, लैब टेक्निशियन संगठन, राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ, माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ, अंशकालिक शिक्षक संघ और राज्य आबकारी निरीक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडलों ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपने-अपने संवर्गों की समस्याएं और मांगें रखीं।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव आरके सुधांशु को निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी संगठनों की मांगों और समस्याओं का संबंधित विभागों से नियमानुसार परीक्षण कराकर उचित समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप और अपर सचिव जेसी कांडपाल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।




