उत्तराखण्ड
तेलंगाना में केंद्र की स्वास्थ्य पहलों से रूबरू हुआ उत्तराखंड का मीडिया प्रतिनिधिमंडल।

संवादसूत्र देहरादून/ हैदराबाद। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत PIB देहरादून द्वारा आयोजित हैदराबाद प्रेस दौरे पर गए उत्तराखंड के 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन कर्मचारी राज्य बीमा निगम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, ESIC सनथ नगर का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, उन्नत क्लीनिकल सुविधाओं और डिजिटल स्वास्थ्य पहलों की जानकारी ली।
ESIC सनथ नगर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा, उन्नत नैदानिक सेवाओं और तकनीक आधारित मरीज देखभाल के क्षेत्र में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में उभरा है। संस्थान बीमित व्यक्तियों और उनके परिवारों को किफायती एवं व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
मीडिया प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की डीन डॉ. एस. सीथालक्ष्मी ने संस्थान के स्वास्थ्य ढांचे और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तेलंगाना में ESIC का नेटवर्क 4 ESIS अस्पतालों, 70 औषधालयों, 8 शाखा कार्यालयों और 10 डिस्पेंसरी-कम-ब्रांच ऑफिस के माध्यम से सभी 33 जिलों में फैला है। प्रदेश में 20,47,160 लोगों को बीमा कवरेज तथा 74,32,916 लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।
1,044 बेड की एकीकृत स्वास्थ्य सुविधा
सनथ नगर परिसर में 1,044 बेड की एकीकृत स्वास्थ्य सुविधा है। इसमें 800 बेड का ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा 244 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शामिल है। परिसर में 159 ICU बेड, 45 डायलिसिस बेड, 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और पांच उन्नत OT सूट हैं। आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहती हैं।
अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है। वार्षिक OPD उपस्थिति 2022 में 6.93 लाख से बढ़कर 2025 में 9.80 लाख हो गई। इसी अवधि में वार्षिक दाखिले 78,086 से बढ़कर 95,037 तथा सर्जरी की संख्या 16,223 से बढ़कर 20,117 हो गई। वर्ष 2025 में अस्पताल की बेड ऑक्यूपेंसी दर 85.6 प्रतिशत रही।
संस्थान को वर्ष 2019 से लगातार 500 से अधिक बेड की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ESIC अस्पताल के रूप में मान्यता मिल रही है।
किडनी ट्रांसप्लांट और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं
ESIC सनथ नगर में कार्डियोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, ऑन्कोलॉजी, हेमेटोलॉजी, प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी समेत कई सुपर स्पेशलिटी सेवाएं उपलब्ध हैं।
नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी के क्षेत्र में अस्पताल ESIC नेटवर्क में किडनी ट्रांसप्लांट के अग्रणी केंद्र के रूप में उभरा है। यहां ABO-असंगत किडनी ट्रांसप्लांट समेत जीवित और कैडवेरिक डोनर ट्रांसप्लांट किए जा रहे हैं। संस्थान ने 8 जून 2024 को पहला इन-हाउस कैडवेरिक ऑर्गन रिट्रीवल किया और अब तक 30 किडनी ट्रांसप्लांट किए हैं।
वर्ष 2025-26 में अस्पताल की हीमोडायलिसिस सुविधा से 59,868 बीमित मरीज लाभान्वित हुए।
16.7 लाख से अधिक जांच
अस्पताल का पैथोलॉजी विभाग NABL एंट्री-लेवल टर्शियरी-केयर डायग्नोस्टिक लैब संचालित करता है। वर्ष 2025-26 में प्रयोगशाला में 16.7 लाख से अधिक जांच की गईं। यहां 162 प्रकार की जांच और आठ विशेषज्ञता वर्गों में 90 से अधिक इम्युनोहिस्टोकेमिस्ट्री एवं मॉलिक्यूलर मार्कर उपलब्ध हैं।
अस्पताल ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को भी व्यापक रूप से अपनाया है। इनमें PACS, ई-ICU, ऑक्सीजन एवं वैक्यूम पाइपलाइन की रियल-टाइम निगरानी, केंद्रीय सूचना प्रणाली डैशबोर्ड, ऑनलाइन सैंपल कलेक्शन, AAA+ ऐप आधारित OPD, ई-ऑफिस, आधार सीडिंग और लैन कनेक्टिविटी शामिल हैं।
इसके अलावा होम ड्रग डिलीवरी, होम सैंपल कलेक्शन, ऑनलाइन परामर्श और 5G-सक्षम एंबुलेंस जैसी मरीज-केंद्रित डिजिटल सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
चिकित्सा शिक्षा को भी बढ़ावा
ESIC मेडिकल कॉलेज, सनथ नगर में 150 MBBS सीटों के साथ 106 MD/MS, 15 M.Ch., 12 DNB और 6 FNB सीटें हैं। इसके अलावा विभिन्न विषयों में 72 एलाइड हेल्थ साइंसेज सीटें भी उपलब्ध हैं।
प्रतिनिधिमंडल को डॉ. जया कुंदन गेडाम, डॉ. रत्ना गोसाईं, डॉ. जी. लक्ष्मी प्रसाद और डॉ. जी. तिरुपति ने विभिन्न नैदानिक एवं शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दी। इसके बाद पत्रकारों ने अस्पताल की प्रयोगशाला और अन्य उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया।
प्रेस दौरे का उद्देश्य पत्रकारों को तेलंगाना में केंद्र सरकार की प्रमुख विकास गतिविधियों और पहलों की प्रत्यक्ष जानकारी उपलब्ध कराना था। ESIC सनथ नगर का दौरा प्रतिनिधिमंडल के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, विशेष चिकित्सा सेवाओं और डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में संस्थान के कार्यों को करीब से समझने का अवसर रहा।




