उत्तराखण्ड
यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले में ईडी का शिकंजा, 32 लाख नकद और 200 ग्राम सोना बरामद।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के देहरादून उप क्षेत्रीय कार्यालय ने 10 सितंबर को देहरादून में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद की गईं। ईडी के अनुसार जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का प्रारंभिक मूल्य करीब 1.28 करोड़ रुपये है। लग्जरी घड़ियों का मूल्यांकन अभी किया जा रहा है।
ईडी ने यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की है। जांच यूकेएसएसएससी की वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के मामले में देहरादून विजिलेंस थाने में दर्ज प्राथमिकी और तीन अन्य एफआईआर के आधार पर शुरू की गई है।
पूर्व अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक के ठिकानों पर छापे
ईडी ने तत्कालीन यूकेएसएसएससी अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक, ओएमआर प्रक्रिया से जुड़ी निजी कंप्यूटर एजेंसी के संचालक और कथित साजिश से जुड़े बिचौलियों के आवासों पर तलाशी ली। चंदन सिंह जीना के आवास पर भी कार्रवाई की गई। जीना वर्तमान में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के निजी सहायक के तौर पर कार्यरत बताए गए हैं। वह वर्ष 2014 से 2017 के दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) भी रह चुके हैं।
ओएमआर शीट में हेरफेर का आरोप
ईडी की जांच के अनुसार, यूकेएसएसएससी की सुरक्षित अभिरक्षा से ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं को तत्कालीन सचिव के निजी आवास तक पहुंचाया गया। वहां कम भरे हुए ओएमआर पत्रों के अनुक्रमांक नोट किए गए और उन्हें निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को सौंपे जाने का आरोप है। इसके बाद कथित तौर पर इन ओएमआर शीट में गलत तरीके से उत्तर के गोले भरने अथवा उनमें बदलाव करने के बाद उन्हें दोबारा सील किया गया। जांच में बिचौलियों के माध्यम से इसके बदले अवैध धन के लेन-देन की बात भी सामने आई है।
जीना के आवास से नकदी, सोना और लग्जरी घड़ियां बरामद
ईडी के मुताबिक चंदन सिंह जीना के आवास से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी बरामद हुई। इसके अलावा करीब 200.5 ग्राम सोने में 13 सोने के सिक्के और सात सोने की चेन शामिल हैं। तलाशी में रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसॉट और कैसियो जैसी कंपनियों की 12 लग्जरी घड़ियां भी मिलीं।
जांच के दौरान जीना और उनके परिवार के बैंक खातों को पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत फ्रीज किया गया। इन खातों में कुल 52,16,312 रुपये की राशि बताई गई है। ईडी ने जीना का मोबाइल फोन भी फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, जीना के पास बरामद बड़ी मात्रा में नकदी के खर्च का स्पष्ट स्रोत सामने नहीं आया है। बरामद नकदी और खर्च को उनकी ज्ञात आय के स्रोत से पुष्ट नहीं किया जा सका।
अन्य आरोपियों के ठिकानों से भी नकदी और आभूषण
तलाशी के दौरान यूकेएसएसएससी के अन्य पूर्व अधिकारियों और मामले से जुड़े लोगों के मोबाइल फोन भी फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किए गए। इनके ठिकानों से भी अलग-अलग मात्रा में बेहिसाबी नकदी और कुछ मामलों में सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं।
ईडी ने कहा है कि मामले में जांच अभी जारी है और तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।




