उत्तराखण्ड
धामी कैबिनेट के 10 प्रस्तावों पर लगी मुहर, मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ा, पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेंगे सरकारी पद।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए सरकारी नियुक्तियों, शासकीय अधिवक्ताओं के मानदेय पुनर्निर्धारण समेत विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग से संबंधित उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी। वहीं, कारागार विभाग की सेवा नियमावली के तहत अपर महानिदेशक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने को स्वीकृति प्रदान की गई।
सरकार ने शासकीय अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों का पुनर्निर्धारण किया है। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। खाद्य विभाग के विधिक माप विज्ञान से संबंधित सेवा नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न के स्टाइपेंड में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी का फैसला लिया गया। इंटर्न को अब 17 हजार रुपये के बजाय 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।
खेल क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक व्यायाम शिक्षक के 35 पद सृजित किए गए हैं। इन पदों को मेडल विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित किया जाएगा। इसके अलावा खेल नीति-2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को 243 पदों पर नियुक्ति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इन खिलाड़ियों को युवा कल्याण, परिवहन, शिक्षा समेत विभिन्न विभागों में नियुक्तियां दी जाएंगी।
मसूरी में जीएमवीएन की पार्किंग में स्थित 972 गज भूमि गढ़वाल सभा को दिए जाने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई। वहीं, कर्मचारी राज्य बीमा निगम के निदेशालय, हरिद्वार के निकट 15 एकड़ भूमि ईएसआई अस्पताल को उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के तहत प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और सभी मंत्री कार्यक्रमों के प्रभारी होंगे। 17 सितंबर को धार्मिक स्थलों पर आशीर्वाद का दीप जलाया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी कार्यक्रम आयोजित होंगे।
अभियान के दौरान जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छता, वृक्षारोपण और अन्य राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभिन्न सामाजिक संगठनों को अभियान से जोड़ा जाएगा। बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित करने के साथ नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे। विकसित भारत के संकल्प के साथ एक चौराहे पर ‘विकसित भारत का कलश’ भी रखा जाएगा।




