उत्तराखण्ड
एलयूसीसी चिटफंड घोटाला: 800 करोड़ की ठगी मामले में सीबीआई की चार्जशीट, 18 आरोपितों पर शिकंजा।

संवादसूत्र देहरादून:
उत्तराखंड के बहुचर्चित एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी) चिटफंड घोटाले में सीबीआई ने विशेष बड्स कोर्ट, देहरादून में 18 आरोपितों और एक संस्था के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच में सामने आया कि प्रदेश के एक लाख से अधिक निवेशकों से करीब 800 करोड़ रुपये जमा कराए गए, जिनमें 400 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी हुई। मामले में सात आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि मुख्य आरोपित समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी सानिया अग्रवाल विदेश फरार बताए गए हैं।
सीबीआई के अनुसार, नैनीताल हाईकोर्ट के निर्देश पर वर्ष 2025 में दर्ज 18 मुकदमों की जांच अपने हाथ में ली गई थी। जांच में पता चला कि वर्ष 2016 से एलयूसीसी ने उत्तराखंड में 50 से अधिक शाखाओं के माध्यम से अनियमित जमा योजनाएं चलाईं। सोसायटी का कोई वास्तविक लाभकारी कारोबार नहीं था और पुराने निवेशकों को भुगतान नए निवेशकों की राशि से किया जाता था, जिससे यह पूरी तरह पोंजी योजना के रूप में संचालित होती रही।
जांच के दौरान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में आरोपितों की 39 संपत्तियां चिह्नित की गईं। इनमें 29 संपत्तियों की अस्थायी कुर्की के आदेश जारी किए जा चुके हैं, जबकि शेष 10 संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया जारी है। सीबीआई ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य आरोपितों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।




