उत्तराखण्ड
टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी तेज, ग्रीन एनर्जी और ट्रेडिशनल विलेज पर रहेगा फोकस।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में टिहरी झील को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निर्देश दिए गए कि परियोजना में ग्रीन एनर्जी का अधिकतम उपयोग किया जाए तथा इसे नवीकरणीय ऊर्जा आधारित मॉडल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही, परियोजना को आकर्षक और आसानी से याद रहने वाला नाम देने तथा एमडी टीएचडीसी और टिहरी के जिलाधिकारी को समिति की बैठकों में शामिल करने का निर्णय लिया गया।
मुख्य सचिव ने टिहरी झील के आसपास के गांवों को उत्तराखंड की कला, संस्कृति और विरासत से जोड़ते हुए ‘ट्रेडिशनल विलेज’ के रूप में विकसित करने तथा स्थानीय लोगों की आजीविका से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत बनने वाली सभी परिसंपत्तियों के संचालन एवं रखरखाव की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने, आय सृजन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा झील में बोटिंग और जेटी संचालन के लिए वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
बैठक में टिहरी क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाने वाले संग्रहालय की थीम तैयार करने पर भी चर्चा हुई। इसमें पुरानी टिहरी के राजशाही इतिहास, लोककला, लोकसंस्कृति और पुरानी टिहरी के 3डी मॉडल को शामिल करने का सुझाव दिया गया। बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. वी. षणमुगम, धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




