उत्तराखण्ड
शहरों को आत्मनिर्भर और स्वच्छ बनाने पर जोर, मुख्य सचिव ने दिए वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के निर्देश।

संवादसूत्र देहरादून:
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में शहरी विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को स्वच्छ, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने वाले, जलवायु-अनुकूल और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर शहरों के रूप में विकसित करने के लिए तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी यूएलबी में वैज्ञानिक कचरा प्रसंस्करण और स्रोत स्तर पर कचरे के 100 प्रतिशत पृथक्करण को सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने पुराने डंप साइटों के सुधारीकरण कार्य में तेजी लाकर उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए।
आनन्द बर्द्धन ने कहा कि विभाग के विज़न के अनुरूप सभी शहरी निकायों को आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य है। इसके लिए स्थानीय निकायों और विभागीय अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित अनुभाग अधिकारियों के लिए देश-विदेश के बेहतर प्रबंधन वाले शहरों का एक्सपोजर विजिट आयोजित करने पर बल दिया, ताकि वहां की सफल व्यवस्थाओं को उत्तराखंड के शहरों में लागू किया जा सके।
मुख्य सचिव ने पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल स्रोतों के साथ-साथ पेयजल पाइपलाइन के अंतिम छोर तक वाटर क्वालिटी सेंसर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरी विकास में डिजिटल गवर्नेंस को गति देने पर भी जोर देते हुए सभी शहरी निकायों को जल्द से जल्द डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, अपर सचिव अभिषेक रुहेला सहित शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




