उत्तराखण्ड
चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वच्छ और शुद्ध भोजन के लिए व्यापक तैयारी।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में इस वर्ष चारधाम यात्रा को “हरित यात्रा” थीम पर संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों को स्वच्छ और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।
निगरानी और त्वरित कार्रवाई के इंतजाम
चारधाम यात्रा मार्ग पर होटल और ढाबों में खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए:
क्विक रिस्पांस टीमों की तैनाती की गई है
मोबाइल फूड सेफ्टी वैन लगातार जांच करेंगी
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की रोटेशन के आधार पर नियुक्ति की गई है
इसके साथ ही शिकायतों के निस्तारण के लिए टोल-फ्री नंबर 18001804246 भी जारी किया गया है।
होटल-ढाबा संचालकों को प्रशिक्षण
सचिन कुर्वे के निर्देश पर विभाग द्वारा यात्रा मार्ग के प्रमुख शहरों में होटल और खाद्य कारोबारियों के साथ प्रशिक्षण और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उपायुक्त गणेश कंडवाल के अनुसार, अब तक उत्तरकाशी, श्रीनगर, देवप्रयाग, चंबा, घनसाली, रुद्रप्रयाग और अन्य स्थानों पर 250 से अधिक कारोबारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान कारोबारियों से:
भोजन में तेल, नमक और चीनी का सीमित उपयोग करने
मिलावट रहित और ताजा भोजन परोसने
इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल को बायोफ्यूल के लिए देने
“ईट राइट” अभियान का पालन करने
की अपील की जा रही है, ताकि मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित यात्रियों को भी सुविधा मिल सके।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर नियंत्रण
सरकार का लक्ष्य सिर्फ स्वच्छ भोजन ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण भी है। चारधाम यात्रा के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने के लिए Reduce, Reuse, Recycle के सिद्धांत पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष लाखों देशी-विदेशी श्रद्धालु उत्तराखंड आते हैं, ऐसे में यह प्रयास किया जा रहा है कि उन्हें स्वच्छ भोजन और साफ वातावरण मिले, साथ ही पवित्र धामों की प्राकृतिक सुंदरता भी संरक्षित रहे।
यह अभियान चारधाम यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




