उत्तराखण्ड
देवभूमि से खेलभूमि तक: देहरादून ने जीती मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी, खिलाड़ियों पर बरसे 11 करोड।

संवादसूत्र देहरादून, ननूरखेड़ा: पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ननूरखेड़ा, देहरादून में मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी 2025-26 के समापन समारोह में प्रतिभाग करते हुए देहरादून जनपद को विजेता ट्रॉफी एवं 5 लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समापन केवल एक प्रतियोगिता का अंत नहीं, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल खेल भविष्य की नई शुरुआत है। खेल आयोजन अब गाँव-गाँव, न्याय पंचायतों और दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को पहचान देने का सशक्त माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है।
इस आयोजन के तहत 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के खातों में भेजी जा रही है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलों को नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत खेल जगत में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों से देश में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है। आज भारत ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन कर रहा है और रिकॉर्ड पदक जीतकर विश्व पटल पर अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का ऐतिहासिक प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि रहे, जहाँ प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर 7वाँ स्थान हासिल किया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक और विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना के कारण उत्तराखंड अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो चुका है। राज्य सरकार के स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान के तहत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएँगी।
हल्द्वानी में बनेगी पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी
नई खेल नीति के तहत खिलाड़ियों की सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। हल्द्वानी में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित की जा रही है, जहाँ आधुनिक कोचिंग, खेल विज्ञान और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के माध्यम से खिलाड़ियों को मासिक छात्रवृत्ति एवं खेल उपकरण हेतु आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रशिक्षकों के मानदेय और प्रोत्साहन राशि में भी वृद्धि की गई है।
खिलाड़ियों को सम्मान और सरकारी सेवाओं में आरक्षण
राज्य में उत्कृष्ट खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को “उत्तराखंड खेल रत्न”, “द्रोणाचार्य पुरस्कार” और “हिमालय खेल रत्न” जैसे सम्मान दिए जा रहे हैं।
इस वर्ष से खेल महाकुंभ व अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को सरकारी सेवाओं में आवेदन पर 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
1.62 लाख से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि 23 नवम्बर 2025 से न्याय पंचायत स्तर पर शुरू हुई प्रतियोगिताओं का समापन 18 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के साथ किया गया। इस आयोजन में 1 लाख 62 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया और 26 खेल स्पर्धाएँ आयोजित की गईं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन आगामी राष्ट्रीय खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक की तैयारियों के लिए मजबूत आधार तैयार करेंगे।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी सविन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।




