उत्तराखण्ड
अर्धकुंभ-2027 से पहले हरिद्वार को जाम से मिलेगी राहत, एनएचएआई की दो प्रमुख सड़क परियोजनाएं अंतिम चरण में।

देहरादून, 26 जून। आगामी अर्धकुंभ-2027 को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) हरिद्वार की सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के लिए तेजी से कार्य कर रहा है। निर्माणाधीन स्पर टू हरिद्वार और हरिद्वार बाईपास (पैकेज-1) परियोजनाएं अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इनके पूरा होने के बाद हरिद्वार शहर में यातायात का दबाव काफी कम होगा और बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं तथा यात्रियों को तेज, सुरक्षित और निर्बाध यात्रा का लाभ मिलेगा।

एनएचएआई के अनुसार, 51 किलोमीटर लंबी छह-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड स्पर टू हरिद्वार परियोजना का लगभग 92 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना के तहत अब तक 46 किलोमीटर छह-लेन मार्ग का निर्माण पूरा किया जा चुका है। यह कॉरिडोर दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे को हरिद्वार से जोड़ते हुए हलगोया मुस्तकम से भड़ेड़ी राजपूताना स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-58 तक पहुंचेगा। परियोजना के पूरा होने पर दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।


वहीं, 15 किलोमीटर लंबे हरिद्वार बाईपास (पैकेज-1) का लगभग 77 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके तहत अब तक 9 किलोमीटर फोर-लेन सड़क का निर्माण किया जा चुका है। यह बाईपास बहादराबाद से शुरू होकर एनएच-34 पर चंडी देवी मंदिर के निकट समाप्त होगा। इसके चालू होने के बाद हर की पैड़ी, चंडी चौक और शंकराचार्य चौक जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है।
एनएचएआई का कहना है कि दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से हरिद्वार की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। वर्तमान में अधिकांश वाहन शहर के भीतर से होकर गुजरते हैं, जिससे सप्ताहांत, त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान लंबा जाम लगता है। नई परियोजनाओं से बाहरी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और शहर के भीतर अनावश्यक यातायात का दबाव कम होगा।
इसके अलावा हरिद्वार–मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुरकाजी, फलौदा, मंगलौर, बहादराबाद और ज्वालापुर जैसे व्यस्त जंक्शनों पर फ्लाईओवर, व्हीक्युलर अंडरपास (वीयूपी) और सर्विस रोड का निर्माण भी किया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होने से दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा बढ़ेगी और अर्धकुंभ के दौरान यातायात अधिक व्यवस्थित रहेगा।
एनएचएआई ने बताया कि पहले से संचालित मुजफ्फरनगर–नेपाली फार्म चार-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग हरिद्वार, ऋषिकेश और चारधाम यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर रहा है। अर्धकुंभ-2027 के दौरान भी यह मार्ग यातायात के दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यातायात को और अधिक सुरक्षित और स्मार्ट बनाने के लिए हरिद्वार–मुजफ्फरनगर, स्पर टू हरिद्वार तथा हरिद्वार बाईपास मार्गों पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) भी लागू किया जा रहा है। इसके माध्यम से रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग, सड़क उपयोगकर्ताओं को आवश्यक सूचनाएं, यातायात नियमों की निगरानी और आपातकालीन सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
एनएचएआई का लक्ष्य अर्धकुंभ-2027 से पहले इन सभी परियोजनाओं को पूरा कर हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित और सुगम सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराना है। इससे श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी नई गति मिलेगी।




