उत्तराखण्ड
‘राइजिंग सिटी’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रखा विकसित उत्तराखंड का विजन।

संवादसूत्र देहरादून/रुद्रपुर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रुद्रपुर में न्यूज 18 समूह द्वारा आयोजित ‘राइजिंग सिटी’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखंड के विकास, औद्योगिक प्रगति, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, रोजगार, कानून व्यवस्था और सुशासन को लेकर राज्य सरकार का विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का प्रमुख ग्रोथ इंजन है और रुद्रपुर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में सड़क संपर्क व्यवस्था का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। ऑल वेदर रोड, एक्सप्रेस-वे और अन्य सड़क परियोजनाओं के कारण प्रदेश में आवागमन पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम हुआ है, जिससे उद्योग, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर उत्तराखंड को दूसरे एम्स की सौगात मिली है, जिसका निर्माण किच्छा में तेजी से चल रहा है। इसके पूरा होने पर कुमाऊं मंडल के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही इसे जनता को समर्पित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से विकसित किए जाने के बाद यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन संभव होगा, जिससे पर्यटन, उद्योग, निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि ऊधम सिंह नगर के सीमांत गांवों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री की “प्रथम गांव” की अवधारणा के अनुरूप मेलाघाट, सिसैया और नारायण नगर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने ऊधम सिंह नगर को “मिनी इंडिया” बताते हुए कहा कि यहां विभिन्न राज्यों के लोग वर्षों से भाईचारे और सौहार्द के साथ रह रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका उपयोग केवल जनहित एवं विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।
युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लागू किए गए नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा जा चुका है, जिससे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं का विश्वास बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दंगा विरोधी कानून भी लागू किया गया है। अब सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ही उसकी भरपाई कराई जाएगी, जिससे अराजक तत्वों में कानून का भय पैदा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब प्रत्येक जनपद और प्रत्येक क्षेत्र समान रूप से विकसित होगा। राज्य सरकार इसी सोच के साथ कार्य कर रही है और उसका लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड देना है।
कार्यक्रम में परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा, सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।




