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रुड़की से रेल यात्रा हुई मुश्किल: दो महीने तक वेटिंग, कंफर्म टिकट के लिए जद्दोजहद।

उत्तराखण्ड

रुड़की से रेल यात्रा हुई मुश्किल: दो महीने तक वेटिंग, कंफर्म टिकट के लिए जद्दोजहद।

संवादसूत्र देहरादून/रुड़की: गर्मी की छुट्टियों और शादी समारोहों के चलते ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसका असर यह है कि रुड़की से कंफर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। यात्री रेलवे स्टेशन और ट्रेवल एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें राहत नहीं मिल पा रही।
कोलकाता एक्सप्रेस, बांद्रा एक्सप्रेस, हेमकुंड एक्सप्रेस और लखनऊ सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में सीटें पूरी तरह फुल हो चुकी हैं। कई यात्रियों को 50 से अधिक वेटिंग वाले टिकट मिल रहे हैं, जिससे उनकी यात्रा अनिश्चित बनी हुई है।
रेलवे स्टेशन स्थित आरक्षण काउंटर पर रोजाना लंबी कतारें देखी जा रही हैं। यहां पहुंचने पर यात्रियों को पता चल रहा है कि अगले दो महीनों तक कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल है। स्लीपर कोच में भी कंफर्म सीट उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक के अनुसार, स्कूल-कॉलेजों में गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही यात्रियों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही शादी समारोहों का सीजन भी चल रहा है, जिसके कारण ट्रेनों में सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक भीड़ हो गई है।
इन रूटों पर सबसे ज्यादा दबाव
रुड़की से शाहजहांपुर, बाराबंकी, अयोध्या, वाराणसी, गया, धनबाद, कोलकाता, मथुरा, कोटा, रतलाम, वडोदरा, सूरत, बोरीवली, पठानकोट, जम्मू तवी, कटरा, लखनऊ, हरदोई और बरेली जैसे रूटों पर सीटों को लेकर मारामारी की स्थिति बनी हुई है।
यात्रियों का कहना है कि टिकट कंफर्म कराने के लिए उन्हें बार-बार प्रयास करना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों ने रेलवे से अतिरिक्त कोच बढ़ाने और विशेष ट्रेनें चलाने की मांग की है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।

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