उत्तराखण्ड
जन्म से शिक्षा और स्वास्थ्य तक बच्चों की होगी डिजिटल ट्रैकिंग, मुख्य सचिव ने दिए सिंगल प्लेटफॉर्म बनाने के निर्देश।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यार्थियों की ट्रैकिंग एवं मैपिंग को लेकर सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों को बच्चों की जन्म से लेकर शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों की निगरानी के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने सभी बच्चों की आभा (ABHA) आईडी और अपार (APAAR) आईडी बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इन प्रणालियों को और अधिक उन्नत बनाया जाए, ताकि बच्चे के जन्म, टीकाकरण, आंगनवाड़ी प्रवेश, विद्यालय में नामांकन और शैक्षणिक उपलब्धियों से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड एक ही मंच पर उपलब्ध रहे।
उन्होंने कहा कि ऐसा तंत्र विकसित किया जाए, जिससे बच्चे के निर्धारित आयु वर्ग में पहुंचते ही अभिभावकों को टीकाकरण, आंगनवाड़ी या विद्यालय में प्रवेश संबंधी जानकारी स्वतः एसएमएस के माध्यम से प्राप्त हो सके। साथ ही संबंधित विभाग भी बच्चों की प्रगति और आवश्यक सेवाओं की नियमित निगरानी कर सकें।
मुख्य सचिव ने शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा विभागों के साथ एनआईसी और आईटीडीए को मिलकर व्यापक मंथन (ब्रेनस्टॉर्मिंग) कर शीघ्र एक प्रभावी प्लेटफॉर्म तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस विषय पर जल्द ही पुनः समीक्षा बैठक आयोजित करने को भी कहा।
बैठक में सचिव रविनाथ रमन, विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर, अपर सचिव सुश्री रीना जोशी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




