उत्तराखण्ड
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (फेज-2) में तेजी: डी-रेगुलेशन में देश में पांचवें स्थान पर उत्तराखंड।

संवादसूत्र देहरादून: केंद्र सरकार द्वारा कारोबार में सुगमता बढ़ाने के लिए गठित टास्क फोर्स की अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव मीता राजीव लोचन तथा मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (फेज-2) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
मीता राजीव लोचन ने बताया कि उत्तराखंड ने डी-रेगुलेशन 1.0 कम्प्लायंस रिडक्शन में देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम, लैंड यूज, होम स्टे तथा उद्यमिता एवं श्रम सुधार के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लिए फेज-2 के अंतर्गत कुल 9 प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं। इनमें भूमि उपयोग, भवन एवं निर्माण स्वीकृतियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, पर्यावरणीय मंजूरी, पर्यटन क्षेत्र में नवाचार जैसे बिंदु शामिल हैं। इनका उद्देश्य राज्य में विकास कार्यों को गति देना, निवेश और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सचिव ने सुझाव दिया कि उद्योगों से संबंधित प्रस्तावों को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वीकृति देने की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए। साथ ही छोटे उद्योगों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन व्यवस्था लागू कर लघु निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जाए।
उन्होंने जानकारी दी कि उत्तराखंड का मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 26 प्रतिशत का योगदान देता है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इस क्षेत्र का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा औपचारिक रूप से पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित किया जा रहा है। कुशल मानव संसाधन, उच्च साक्षरता दर, बेहतर जीवन गुणवत्ता और प्राकृतिक वातावरण राज्य को निवेश के लिए आकर्षक बनाते हैं।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण विकसित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को सशक्त किया गया है। भवन एवं निर्माण, बिजली, श्रम सुधार, अग्निशमन, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। निवेशकों की सुविधा के अनुरूप नियमों में आवश्यक संशोधन भी किए जा रहे हैं।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस फेज-2 के तहत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का समयबद्ध और सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा राज्य में निवेश प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए।
बैठक में केंद्रीय अपर सचिव राहुल शर्मा, राजेश शर्मा, सचिव आर. राजेश कुमार, श्रीधर बाबू अदाकी, रंजीत सिन्हा, रविशंकर, विशेष सचिव मधुकर पराग धकाते, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, डॉ. सौरभ गहरवार, अभिषेक रोहेला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




