उत्तराखण्ड
8 जून से शुरू होगा वोटर वेरिफिकेशन अभियान, मतदाताओं को भरना होगा गणना प्रपत्र।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने प्रदेश के 79 लाख 76 हजार से अधिक मतदाताओं के लिए गणना प्रपत्र मुद्रित कर सभी जिलों को भेज दिए हैं। आठ जून से बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर इन प्रपत्रों का वितरण करेंगे और भरे हुए फॉर्म वापस एकत्रित करेंगे।
निर्वाचन विभाग के अनुसार आठ जून से सात जुलाई तक प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे और उनसे आवश्यक जानकारी प्राप्त की जाएगी। सात जुलाई को मतदान केंद्रों का पुनर्गठन किया जाएगा, जबकि 14 जुलाई को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट रोल) प्रकाशित किया जाएगा।
ड्राफ्ट रोल पर 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इसके बाद जिन गणना प्रपत्रों में दी गई जानकारी से निर्वाचन अधिकारी संतुष्ट नहीं होंगे, उन्हें 10 जुलाई से 11 सितंबर के बीच नोटिस जारी किए जाएंगे और संबंधित मामलों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।
गणना प्रपत्र में देनी होगी यह जानकारी
गणना प्रपत्र में मतदाता का वर्तमान ईपिक नंबर, नाम, पता, मतदान केंद्र की जानकारी और क्यूआर कोड पहले से मुद्रित होगा। मतदाता को अपने पुराने मतदाता सूची संबंधी विवरण, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, माता-पिता या पति-पत्नी का नाम एवं ईपिक नंबर जैसी जानकारी भरनी होगी। आधार नंबर देना वैकल्पिक रहेगा।
मतदाता को अपनी नवीनतम फोटो चस्पा कर हस्ताक्षर सहित फॉर्म बीएलओ को जमा करना होगा। निर्वाचन विभाग की ओर से यह प्रपत्र ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि मतदाता डाउनलोड कर उसे भरकर जमा कर सकें।
निर्वाचन विभाग ने सभी पात्र मतदाताओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जा सके।




