उत्तराखण्ड
10 दिन में होगी प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों की जांच, मूलभूत सुविधाओं का लेंगे जायजा।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त करने और मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की कवायद तेज हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रदेश के सभी 12,543 मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अगले 10 दिनों तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मतदान केंद्रों की स्थिति के साथ मतदाता सूची में दर्ज नाम, आयु और अन्य विवरणों का भी परीक्षण किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मंगलवार को सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान-2027 (एसएसआर) और ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) की प्रगति पर चर्चा की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर वहां बिजली, पेयजल, शौचालय, रैंप और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिन मतदान केंद्रों के भवन जर्जर स्थिति में हैं, उन्हें आसपास के सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने की विधिवत प्रक्रिया पूरी की जाए।
मतदाता सूची की जांच के लिए चलाए जाने वाले 10 दिवसीय अभियान के दौरान मतदाताओं के नाम, आयु, संबंध और संबंधित व्यक्ति के नाम सहित सभी विवरणों का दोबारा सत्यापन किया जाएगा। किसी मतदाता के विवरण में कमी या त्रुटि मिलने पर फार्म-8 भरवाया जाएगा, ताकि सूची में आवश्यक संशोधन किया जा सके।
बैठक में बताया गया कि एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान संचालित किया जाएगा। इसके तहत 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। इनकी सुनवाई 28 दिसंबर 2026 तक की जाएगी। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन चार जनवरी 2027 को प्रस्तावित है।
बैठक में राजनीतिक दलों को फार्म-7 के माध्यम से दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने की सीमा की जानकारी भी दी गई। इसके अनुसार, दावे और आपत्तियां दर्ज करने की निर्धारित अवधि में कोई मतदाता आपत्तिकर्ता के रूप में अधिकतम 10 फार्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। मतदाता सूची के सतत अद्यतन की अवधि में एक व्यक्ति द्वारा प्रति माह अधिकतम पांच फार्म-7 आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मौजूद रहे।



