उत्तराखण्ड
हरेला पर पीआईबी देहरादून में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान, एनएसटीआई में ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ का शुभारंभ।

संवादसूत्र देहरादून:
उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर गुरुवार को प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) देहरादून में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों ने हरित एवं स्वच्छ उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के प्रसिद्ध नाटककार एस.पी. ममगाईं ने पीआईबी को मालाबार का पौधा भेंट किया। उन्होंने कहा कि हरेला केवल एक लोकपर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था, कृतज्ञता और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प का प्रतीक है। यह पर्व आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ और समृद्ध भविष्य के निर्माण की प्रेरणा देता है।
पीआईबी देहरादून के मीडिया एवं संचार अधिकारी अनिल दत्त शर्मा ने सभी से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि हरित, स्वच्छ और समृद्ध उत्तराखंड के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
इधर, राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई), देहरादून में ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ का शुभारंभ किया गया। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग के निर्देशानुसार 16 से 31 जुलाई 2026 तक देशभर में इस अभियान का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में एनएसटीआई देहरादून और एनआईईएसबीयूडी (NIESBUD) के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वच्छ भारत मिशन की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। परिसर में एक विशेष सेल्फी बूथ भी बनाया गया, जहां प्रतिभागियों ने स्वच्छता जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेल्फी लेकर अभियान का समर्थन किया।
समापन अवसर पर सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं ने अपने संस्थान, कार्यस्थल और आसपास के वातावरण को स्वच्छ, हरित एवं सुंदर बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। साथ ही स्वच्छ, स्वस्थ और सतत भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
‘स्वच्छता पखवाड़ा’ के दौरान एनएसटीआई देहरादून में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे समाज में स्वच्छता के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सके।




