उत्तराखण्ड
ड्राफ्ट मतदाता सूची पर राजनीतिक दलों संग सीईओ की बैठक, 15 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम सूची।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर 14 जुलाई को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल प्रति सौंपी। उन्होंने एसआईआर के प्रथम चरण में राजनीतिक दलों के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रथम चरण पूरा होने के बाद प्रदेश में 71,33,785 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं, जबकि लगभग 8.26 लाख मतदाता एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत एवं डुप्लीकेट) श्रेणी में पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ाकर 11,733 से 12,543 कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों का नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है, उन्हें एक और अवसर देने के लिए प्रत्येक बीएलओ को 100-100 फार्म-6 उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आयोग ने 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक फार्म-6, 7 और 8 के माध्यम से दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय निर्धारित किया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए एक व्यक्ति अधिकतम पांच फार्म-7 ही प्रस्तुत कर सकेगा। यदि कोई व्यक्ति पांच से अधिक आक्षेप दर्ज कराता है, तो ऐसे मामलों की निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा व्यक्तिगत जांच कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 11 सितंबर तक दावे-आपत्तियों का निस्तारण और नोटिस प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। वर्तमान ड्राफ्ट सूची में शामिल करीब 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां पाई गई हैं, जिनके संबंध में संबंधित ईआरओ और एईआरओ नोटिस जारी करेंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों से इस चरण में भी अपने बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं (बीएलए) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास तथा भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा और सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




