उत्तराखण्ड
धराली आपदा के बाद गंगोत्री के लिए वैकल्पिक मार्ग पर जोर, सूखी-जांगला पैदल मार्ग होगा विकसित।

संवादसूत्र देहरादून/उत्तरकाशी। धराली आपदा के दौरान गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई दिनों तक बंद रहने के बाद अब सरकार ने वैकल्पिक मार्गों के विकास पर फोकस बढ़ा दिया है। इसी क्रम में उत्तरकाशी जिले में सूखी गांव से जांगला तक पुराने पैदल मार्ग को विकसित करने की योजना बनाई गई है।
इस परियोजना के लिए वन भूमि हस्तांतरण का नया प्रस्ताव तैयार कर वन विभाग को भेजा गया है। प्रस्ताव पर आवश्यक प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का मानना है कि आपदा की स्थिति में यह मार्ग आवागमन का महत्वपूर्ण विकल्प साबित होगा।
बताया जा रहा है कि सूखी गांव से हर्षिल और धराली होते हुए करीब 18 किलोमीटर लंबा यह पुरातन पैदल मार्ग पहले गंगोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं द्वारा इस्तेमाल किया जाता था। वर्तमान सड़क बनने के बाद इसका उपयोग कम हो गया। अब इस मार्ग को बेहतर बनाकर भविष्य में वाहन संचालन योग्य बनाने की योजना है।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि पुराने मार्ग को विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि पहले भी इस दिशा में प्रयास हुए थे, लेकिन प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया था। अब नए सिरे से वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव भेजा गया है।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश चंद्र शर्मा के अनुसार मार्ग विकसित होने से आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों के साथ स्थानीय लोगों और यात्रियों को भी वैकल्पिक आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।




