उत्तराखण्ड
14 जुलाई को नाबार्ड मनाएगा 45वां स्थापना दिवस, उत्कृष्ट संस्थाओं व महिला उद्यमियों का होगा सम्मान।

संवादसूत्र देहरादून:
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) 14 जुलाई को अपने देहरादून स्थित उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय में 45वां स्थापना दिवस मनाएगा। “ग्रामीण वित्तीय संस्थानों के माध्यम से जमीनी स्तर पर ऋण प्रवाह को सुदृढ़ बनाना” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में नाबार्ड की 45 वर्षों की उपलब्धियों और कृषि एवं ग्रामीण विकास की भावी रणनीतियों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में उत्तराखंड के सहकारिता एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मुख्य अतिथि होंगे।
नाबार्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 में उत्तराखंड में ₹5,061 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की, जिसमें ₹5,044 करोड़ ऋण सहायता और ₹17 करोड़ विकासात्मक गतिविधियों के लिए दिए गए। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 19 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान सहकारी बैंकों और उत्तराखंड ग्रामीण बैंक को ₹4,179 करोड़ का पुनर्वित्त, प्रत्यक्ष पुनर्वित्त सहायता के तहत ₹2,004 करोड़ तथा ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (RIDF) से ₹754 करोड़ उपलब्ध कराए गए।
विकासात्मक पहलों के तहत नौ स्थानीय उत्पादों के भौगोलिक संकेतक (GI) पंजीकरण में सहयोग, मुनस्यारी राजमा की ब्रांडिंग, चमोली में “लूम्स ऑफ नीति-माणा” परियोजना, अल्मोड़ा में जलवायु-अनुकूल कृषि मॉडल तथा बुक्सा समुदाय के 475 परिवारों के लिए जनजातीय विकास परियोजनाएं संचालित की गईं। साथ ही नैनीताल में चोपड़ा ग्राम विहार मॉडल के माध्यम से ग्रामीण एवं पारिस्थितिकी पर्यटन को भी बढ़ावा दिया गया।
डिजिटल वित्तीय समावेशन के तहत 620 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) का कंप्यूटरीकरण, 621 नई बहुउद्देशीय PACS की स्थापना तथा सहकारी बैंकों को उन्नत कोर बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया। समारोह में उत्कृष्ट सहकारी संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही कृषि उद्यमिता, वित्तीय समावेशन, महिला नेतृत्व और सतत ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श भी होगा।




