उत्तराखण्ड
ज्योतिर्मठ पुनर्वास कार्यों की एनडीएमए ने की समीक्षा, प्रगति पर जताया संतोष।

संवादसूत्र देहरादून:
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने देहरादून में ज्योतिर्मठ भूधंसाव के बाद चल रहे पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। एनडीएमए की सदस्य रीता मिस्सल और सदस्य दिनेश कुमार असवाल ने संबंधित विभागों को सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और आजीविका को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
बैठक में मुआवजा वितरण, ढाल स्थिरीकरण, टो प्रोटेक्शन, सीवर एवं ड्रेनेज सहित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की गई। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि केंद्र सरकार से प्राप्त 292 करोड़ रुपये की पहली किश्त से पुनरुत्थान कार्य तेजी से संचालित हो रहे हैं। वहीं, चमोली के जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि असुरक्षित घोषित 55 भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एनडीएमए ने भूधंसाव की सतत वैज्ञानिक निगरानी के लिए आधुनिक मॉनिटरिंग उपकरण शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए और राज्य सरकार को हरसंभव तकनीकी सहयोग का आश्वासन दिया। इसके अलावा वर्ष 2025 की आपदाओं के बाद स्वीकृत 811 करोड़ रुपये की पुनर्वास सहायता तथा प्राप्त 182.67 करोड़ रुपये की पहली किश्त के प्रभावी और परिणामोन्मुख उपयोग पर भी विस्तृत चर्चा की गई।




