उत्तराखण्ड
सोलर पावर से संचालित होंगी पंपिंग पेयजल योजनाएं, मुख्य सचिव के अहम निर्देश।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में शनिवार को सचिवालय में व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को मंजूरी की संस्तुति दी गई। बैठक में मुख्य सचिव ने पंपिंग आधारित पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव को अधिक किफायती और टिकाऊ बनाने के लिए सभी नई परियोजनाओं में सोलराइजेशन की संभावनाओं को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए। साथ ही नियोजन विभाग को इस संबंध में शासनादेश जारी करने को कहा।
मुख्य सचिव ने विभागों द्वारा कंसल्टेंट्स को परियोजना लागत के प्रतिशत के आधार पर फीस देने पर नाराजगी जताई और पूर्व में जारी निर्देशों के अनुरूप लमसम (एकमुश्त) भुगतान व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में जारी शासनादेश को सभी विभागों को दोबारा भेजने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने परियोजनाओं की लागत में अप्रत्याशित वृद्धि को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि गलत लागत आकलन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही नियोजन विभाग को लोक निर्माण विभाग के मार्गदर्शन में कॉस्ट वेरिएशन के लिए स्पष्ट गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजनाओं की लागत में अनावश्यक बढ़ोतरी रोकी जा सके।
बैठक में मुख्य सचिव ने आयुष क्षेत्र में प्रदेश की संभावनाओं का बेहतर उपयोग करने के लिए गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने बागेश्वर के गरुड़ में प्रस्तावित आईटीआई के साथ छात्रावास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, जिससे विद्यार्थियों को सुविधा मिल सके। बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




