उत्तराखण्ड
खेल महाकुंभ-2026 का भव्य आगाज, मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को दिलाई खेल भावना की शपथ।



संवादसूत्र देहरादून/टनकपुर (चंपावत): उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ देश की प्रमुख ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने और ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को ‘खेल महाकुंभ-2026’ एवं मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी का भव्य शुभारंभ हुआ। टनकपुर स्थित स्व. कैलाश चंद्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।
समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को खेल मशाल सौंपकर प्रतियोगिताओं की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान खिलाड़ियों ने योगासन तथा उत्तराखंड के पारंपरिक खेल ‘मुर्गा झपट’ का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों को खेल भावना और अनुशासन की शपथ भी दिलाई गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि के साथ एक मजबूत ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना और युवाओं के स्वर्णिम भविष्य को संवारना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि खेल महाकुंभ के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिता खिलाड़ियों के करियर की बुनियादी और महत्वपूर्ण सीढ़ी है। यहीं से प्रतिभावान खिलाड़ी ब्लॉक और जिला स्तर से आगे बढ़कर राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया को पारदर्शी रखा गया है, ताकि प्रतिभा के आधार पर खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य और खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। हल्द्वानी में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना और लोहाघाट में देश के पहले गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण युवाओं और बालिकाओं के खेल करियर के लिए महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने बताया कि विजेता खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
खेल मंत्री ने खिलाड़ियों से राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने वाले खिलाड़ियों को ₹1 लाख की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं, प्रतियोगिता की ओवरऑल चैंपियन टीम को मुख्यमंत्री ट्रॉफी के साथ ₹5 लाख की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।
चार चरणों में होंगी प्रतियोगिताएं
खेल महाकुंभ-2026 का आयोजन चार चरणों में किया जाएगा—
- न्याय पंचायत स्तर: 1 से 10 सितंबर, अंडर-14 एवं अंडर-19 वर्ग
- विधानसभा स्तर: 11 से 20 सितंबर, विधायक चैंपियंस ट्रॉफी
- संसदीय क्षेत्र स्तर: 21 से 30 सितंबर, सांसद चैंपियंस ट्रॉफी
- राज्य स्तर: 10 से 30 अक्टूबर, मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी
इस वर्ष आधुनिक खेलों के साथ उत्तराखंड के पारंपरिक खेलों को भी विशेष स्थान दिया गया है। मुर्गा झपट, पिट्टू, मल्लखम्ब, कंचा और रस्साकस्सी जैसी प्रतियोगिताएं भी महाकुंभ का हिस्सा होंगी। मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत महिला ओपन (20-25 वर्ष) तथा दिव्यांगजन महिला एवं पुरुष ओपन वर्गों में भी विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।
समारोह में खेल विभाग के विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी सहित खेल विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।




