उत्तराखण्ड
677.75 करोड़ की कार्ययोजना मंजूर, 2.5 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में ग्रामीण वेग वृद्धि परियोजना (REAP) की उच्चाधिकार एवं मार्गदर्शन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2025-26 की प्रगति रिपोर्ट और वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट पर विस्तार से चर्चा की गई।
समिति ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 677.75 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत स्वरोजगार, आजीविका संवर्धन, आय सृजन गतिविधियों, कृषि एवं सहायक क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
2.5 लाख महिलाओं को बनाया जाएगा ‘लखपति दीदी’
मुख्य सचिव ने वर्ष 2026-27 में 2.5 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य तय किया। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़ी महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार की अन्य योजनाओं से भी जोड़ा जाए, ताकि उनका आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने सभी विभागों के बीच समन्वय (कन्वर्जेंस) पर जोर देते हुए ग्रामीण परिवारों को स्थायी रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
महिला स्वयं सहायता समूहों पर विशेष फोकस
बैठक में समान प्रकृति के महिला स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर उन्हें बेहतर आजीविका अवसर उपलब्ध कराने की रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए। वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में ध्यान में रखते हुए महिलाओं को वित्तीय, तकनीकी और संस्थागत सहयोग देने की विशेष योजना तैयार की जाएगी।
जनपद स्तर पर स्वयं सहायता समूहों और संबंधित हितधारकों के साथ बैठकें कर उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्य किया जाएगा।
अनउपयोगी ग्रोथ सेंटर होंगे सक्रिय
मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे ग्रोथ सेंटरों की पहचान करने के निर्देश दिए, जो वर्तमान में पूर्ण क्षमता से संचालित नहीं हो रहे हैं। इन केंद्रों को प्रभावी ढंग से सक्रिय कर स्थानीय रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजना बनाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (ग्रामोत्थान) का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुदृढ़ करना और पलायन को रोकना है। इसके तहत कृषि, गैर-कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में लघु उद्यमों को वित्तीय सहायता एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




