उत्तराखण्ड
आधुनिक चुनौतियों के बीच मातृ शक्ति को विजनरी बनने का आह्वान।

संवादसूत्र देहरादून: विश्वमांगल्य सभा के तत्वावधान में आयोजित ‘मातृ संस्कार समागम’ में बदलते सामाजिक और तकनीकी परिवेश के बीच मातृ शक्ति की निर्णायक भूमिका पर व्यापक मंथन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिकता की चुनौतियों का सामना करने के लिए मातृ शक्ति का विजनरी होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि सशक्त परिवार, स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव हो सके।
कार्यक्रम का आयोजन राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के सभागार में हुआ। विशेष सत्र जनप्रतिनिधि परिवारों की माताओं के लिए भी रखे गए। उत्तराखंड में संगठन का यह पहला कार्यक्रम सामाजिक चिंतक गीता धामी के प्रयासों से संभव हुआ।
कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय परामर्शदाता प्रशांत हरतालकर, अखिल भारतीय संगठन मंत्री डाॅ वृषाली जोशी, विकास फाउंडेशन की अध्यक्ष मृदुला धर्मेंद्र प्रधान, राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा, जनप्रतिनिधि परिवार संपर्क विभाग की अखिल भारतीय संयोजक डाॅ अनुराधा यादव और डाॅ पूजा देशमुख उपस्थित रहीं। संचालन ज्योति कोटिया ने किया।
संस्कारों की भूमिका पर जोर
विकास फाउंडेशन की अध्यक्ष मृदुला धर्मेंद्र प्रधान ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि संस्कार व्यक्ति को हर परिस्थिति में सामंजस्य बैठाने की शक्ति देते हैं। हिमाचल से ओडिशा तक के अपने जीवन अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने पारिवारिक मूल्यों की महत्ता पर बल दिया।
गीता धामी के नेतृत्व में संगठन विस्तार
संगठन पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि उत्तराखंड में गीता धामी के नेतृत्व में जिलों में टीमें गठित की जाएंगी। डाॅ अनुराधा यादव ने संगठन की कार्यपद्धति पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्यभर में मातृ शक्ति को संगठित कर संस्कार आधारित समाज निर्माण की दिशा में कार्य होगा।
2016 में स्थापित, 35 प्रांतों में सक्रिय
विश्वमांगल्य सभा की स्थापना वर्ष 2016 में हुई। संगठन वर्तमान में 35 प्रांतों में सक्रिय है और 25 प्रांतों में ‘मातृ संस्कार समागम’ श्रृंखला चला रहा है। देहरादून से पहले उज्जैन और अयोध्या में कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं।
‘छह भ’ अपनाने का आह्वान
डाॅ वृषाली जोशी ने ‘छह भ’—भाषा, भूषा, भजन, भोजन, भ्रमण और भवन—को भारतीयता से जोड़े रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीयता कमजोर नहीं पड़नी चाहिए और परिवार से ही इसकी शुरुआत होनी चाहिए।
सीएम धामी की सराहना
कार्यक्रम में अतिथियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना की। डाॅ वृषाली जोशी ने समान नागरिक संहिता और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड कई महत्वपूर्ण नीतिगत पहल में अग्रणी रहा है।
राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा ने देहरादून में हुए विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले और अब के दून में स्पष्ट सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देता है।




