उत्तराखण्ड
देहरादून में दो दिवसीय ‘माल्टा महोत्सव’ एवं ‘घाम तापो–नींबू सानो’ का भव्य आयोजन 6–7 जनवरी को।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखण्ड के पर्वतीय किसानों, पारंपरिक कृषि पद्धतियों और स्थानीय फल-संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन द्वारा दो दिवसीय ‘माल्टा महोत्सव’ एवं ‘घाम तापो–नींबू सानो’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 06 एवं 07 जनवरी 2026 को आई.टी.बी.पी. ग्राउंड, सीमाद्वार, देहरादून में प्रातः 10:30 बजे से सायं 5:00 बजे तक आयोजित होगा।
फाउंडेशन की संस्थापक श्रीमती गीता धामी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य उत्तराखण्ड में नींबू वर्गीय फलों—विशेष रूप से माल्टा, नींबू और संतरा—के उत्पादन, विपणन और ब्रांडिंग को बढ़ावा देना है। इससे पर्वतीय किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सकेगा और उपभोक्ताओं तक राज्य के पोषण-समृद्ध पारंपरिक फल सीधे पहुँचेंगे।
उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान राज्य के विभिन्न जनपदों से आए नींबू वर्गीय फसलों के उत्पादक किसान अपने ताज़ा और प्राकृतिक उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराएंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों की आय में सीधा लाभ सुनिश्चित होगा।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण उत्तराखण्ड की पौराणिक एवं लोक-परंपरा ‘घाम तापो–नींबू सानो’ का जीवंत प्रदर्शन होगा। इस परंपरा के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में नींबू सानने की पारंपरिक प्रक्रिया का प्रदर्शन करेंगी, जिससे नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
श्रीमती गीता धामी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक फल उत्सव नहीं, बल्कि पर्वतीय किसानों की आर्थिकी को सशक्त करने, महिलाओं के सशक्तिकरण और उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर महोत्सव को सफल बनाने की अपील की।
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