उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण के बाद पुलिस हरकत में, थानों में सफाई और अनुशासन पर सख्ती।


संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री द्वारा कोतवाली डालनवाला के औचक निरीक्षण के दौरान थाना परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त किए जाने के बाद देहरादून पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून ने जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को परिसरों में उच्च कोटि की स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत न केवल सफाई व्यवस्था को नियमित रूप से बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है, बल्कि पुलिस कर्मियों में सामूहिक जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करने के लिए विशेष पहल भी की गई है।
एसएसपी देहरादून द्वारा निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक रविवार पुलिसकर्मी रोटेशन के आधार पर थाना या चौकी में एक घंटे का श्रमदान करेंगे। इस श्रमदान के अंतर्गत थाना परिसर, बैरक, मैस एवं अन्य कार्यालयीन स्थानों की साफ-सफाई की जाएगी, ताकि पुलिस कार्यालय स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आम जनता के लिए बेहतर वातावरण वाले बन सकें। पुलिस प्रशासन का मानना है कि स्वच्छ कार्यस्थल न केवल कार्यक्षमता बढ़ाता है, बल्कि जनता में पुलिस की सकारात्मक छवि भी सुदृढ़ करता है।
इसके साथ ही सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थानों में उपलब्ध अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन पोर्टलों एवं सीएम हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा।
पुलिस व्यवस्था की निगरानी को और मजबूत करने के लिए सभी पुलिस अधीक्षकों एवं क्षेत्राधिकारियों को अपने-अपने सर्किल में आने वाले थानों का आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही लंबित अर्द्धवार्षिक निरीक्षणों को यथाशीघ्र पूर्ण करने को कहा गया है, ताकि व्यवस्थागत कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर किया जा सके।
मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण के परिप्रेक्ष्य में आज थाना डालनवाला में पुलिस कर्मियों द्वारा श्रमदान किया गया। इस दौरान थाना परिसर, बैरक और मैस की व्यापक साफ-सफाई कर व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पहल केवल एक बार की कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि इसे नियमित व्यवस्था के रूप में लागू किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन की इस पहल को अनुशासन, स्वच्छता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल पुलिसकर्मियों का कार्य वातावरण सुधरेगा, बल्कि आम नागरिकों को भी अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद पुलिस व्यवस्था का अनुभव मिलेगा।




