उत्तराखण्ड
यूएसडीएमए में एआई की पाठशाला: आधुनिक तकनीक से आपदा प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) में मंगलवार को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन में नवीनतम तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना और अधिकारियों को एआई के प्रभावी व जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना था।
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि वर्तमान समय तकनीकी बदलाव का दौर है और एआई इसमें अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि एआई को एक सहयोगी के रूप में अपनाना चाहिए, न कि उस पर पूर्ण निर्भरता बनानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि एआई के माध्यम से मौसम आधारित अलर्ट, भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं का पूर्वानुमान मजबूत किया जा सकता है। रियल-टाइम डाटा एनालिसिस से त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलती है, जिससे आपातकालीन प्रतिक्रिया अधिक प्रभावी बनती है।
कार्यशाला में जोखिम मानचित्रण, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में एआई की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन डाटा के विश्लेषण से प्रभावित क्षेत्रों का तेजी से आकलन कर राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
इस अवसर पर आईटीडीए के निदेशक आलोक कुमार पाण्डेय ने एआई के उपयोग में जिम्मेदारी और डाटा सत्यापन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि के किसी भी सूचना का उपयोग या प्रसार नहीं किया जाना चाहिए।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को एआई की मूल अवधारणा और उसके व्यावहारिक उपयोग से अवगत कराया गया। साथ ही ChatGPT, Claude और Gemini जैसे प्लेटफॉर्म्स की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि एआई आधारित कम्युनिकेशन सिस्टम से आम जनता तक समय पर सही सूचना पहुंचाई जा सकती है, जिससे अफवाहों पर नियंत्रण और जन-जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही, प्रशिक्षण और सिमुलेशन के लिए एआई का उपयोग कर आपदा परिदृश्यों का अभ्यास कराया जा सकता है, जिससे फील्ड स्तर पर तैयारियां और अधिक मजबूत होती हैं।
कार्यक्रम में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन महावीर सिंह चौहान, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी और शांतनु सरकार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




