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उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिसेज से प्रभावित हुआ आंध्र प्रदेश।

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उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिसेज से प्रभावित हुआ आंध्र प्रदेश।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड में बीस सूत्री कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को लेकर अपनाई जा रही बेस्ट प्रैक्टिसेज ने आंध्र प्रदेश को खासा प्रभावित किया है। आंध्र प्रदेश बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष दिनकर लंका ने कहा कि उत्तराखंड द्वारा अपनाई गई कार्यप्रणालियां अत्यंत सराहनीय हैं और इन्हें आंध्र प्रदेश में लागू करने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
मंगलवार को अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड एवं आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के मध्य बीस सूत्री कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को लेकर अनुभव साझा किए गए। इस दौरान उत्तराखंड ने कार्यक्रमों की निगरानी, मूल्यांकन और एसडीजी के साथ एकीकरण की अपनी पद्धति को विस्तार से प्रस्तुत किया।
एसडीजी में उत्तराखंड की मजबूत पकड़
सेतु आयोग के निदेशक डॉ. मनोज कुमार पंत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि राज्य में वर्ष 2016-17 से 369 संकेतांकों के माध्यम से एसडीजी का नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है। वर्तमान में 39 संकेतांकों के आधार पर मासिक रैंकिंग जारी की जाती है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड विगत वर्षों में अखिल भारतीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत–2047 विजन के अनुरूप मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड–2047 की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसके तहत विभागीय स्तर पर अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्य तय किए गए हैं।
बीस सूत्री कार्यक्रमों की सख्त निगरानी व्यवस्था
बीस सूत्री कार्यक्रम के संयुक्त निदेशक त्रिलोक सिंह अन्ना ने बताया कि राज्य में कार्यक्रमों की अनुश्रवण प्रणाली को एसडीजी के अनुरूप विकसित किया गया है। वर्तमान में 81 योजनाओं के 246 सूचकों की प्रगति की रिपोर्टिंग की जा रही है, जिनमें से 45 सूचकों के आधार पर जनपदवार मासिक रैंकिंग जारी होती है।
कार्यक्रमों की निगरानी राज्य, जनपद और विकासखण्ड स्तर की समितियों के माध्यम से की जा रही है। टास्क फोर्स अधिकारी योजनाओं का स्थलीय सत्यापन करते हैं तथा रिपोर्टिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस और ऑनलाइन किया गया है।
जनपदों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा
बीस सूत्री कार्यक्रम उत्तराखंड के उपाध्यक्ष ज्योति प्रसाद गैरोला ने बताया कि अनुश्रवण प्रणाली को विकासखण्ड स्तर तक विस्तारित किया गया है, जिससे योजनाओं की वास्तविक प्रगति का सटीक आंकलन हो सके। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने हेतु वित्तीय वर्ष के अंत में शीर्ष तीन प्रदर्शनकारी जनपदों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाता है।
आंध्र प्रदेश ने साझा किया अपना विजन
आंध्र प्रदेश बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष दिनकर लंका ने बताया कि उनके राज्य में भी स्वर्ण आंध्र–2047 मिशन के तहत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए योजनाओं को ग्राम स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक है।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य प्रशासनिक नवाचारों का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
विभागों ने प्रस्तुत किए नवाचार
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा केंद्र एवं राज्य की फ्लैगशिप योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। समग्र शिक्षा विभाग ने विद्या समीक्षा केंद्र, जादुई पिटारा, सुपर-100, जिज्ञासा, निपुण विद्यार्थी प्रतियोगिता जैसे नवाचारों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम की शुरुआत अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशक सुशील कुमार के स्वागत संबोधन से हुई तथा संचालन संयुक्त निदेशक डॉ. दिनेश चंद्र बडोनी ने किया।

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