उत्तराखण्ड
अंकिता भंडारी हत्याकांड: उत्तराखंड के कई शहरों में बंद और विरोध प्रदर्शन।

संवादसूत्र देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड के विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया गया। हत्याकांड में कथित वीआईपी नामों के खुलासे और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन किए, जबकि कुछ स्थानों पर व्यापार संगठनों ने बंद का विरोध भी किया।
ऋषिकेश में बंद का विरोध
ऋषिकेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस द्वारा किए गए उत्तराखंड बंद के आह्वान का विरोध किया। संगठन के महामंत्री प्रतीक कालिया शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पीड़ित परिजनों की सीबीआई जांच की मांग पूरी किए जाने के बाद बंद का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठान खुले रखने की अपील की।
श्रीनगर–श्रीकोट में बंद का असर
श्रीनगर गढ़वाल और श्रीकोट क्षेत्र में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। साढ़े नौ बजे तक बाजार नहीं खुले। गणेश बाजार, वीर चंद्र सिंह गढ़वाल मार्ग, काला रोड, अपर बाजार सहित अन्य क्षेत्रों में दुकानें बंद रहीं। सामाजिक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच कराए जाने की मांग को लेकर बंद का आह्वान किया था।
रुड़की में प्रदर्शन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रुड़की में विभिन्न संगठनों द्वारा बुलाए गए बंद को लेकर पुलिस प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। कई संगठनों से बातचीत के बाद प्रशासन उन्हें मनाने में सफल रहा। कांग्रेस भी बंद में शामिल रही और जुलूस निकालने के बाद दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुतला फूंके जाने की घोषणा की गई। क्षेत्राधिकारी नरेंद्र पंत ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त होने की जानकारी दी।
नई टिहरी में बंद का फैसला बरकरार
नई टिहरी में भू-भूम्याल जागृति मंच और राज्य आंदोलनकारी मंच ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बंद का निर्णय यथावत रखा। मंच के संयोजक देवेंद्र नौडियाल ने बताया कि सुबह 10:30 से 11 बजे के बीच हनुमान चौक पर एकत्र होकर बौराड़ी बाजार तक जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।




