उत्तराखण्ड
बागेश्वर को मिलेगी ‘हिल हेरिटेज’ अतिथि गृह की सौगात, पहाड़ी संस्कृति के साथ दिखेंगी आधुनिक सुविधाएं।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत दूरस्थ क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास की दिशा में बागेश्वर जिले को जल्द एक अत्याधुनिक राज्य अतिथि गृह की सौगात मिलने जा रही है। आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग द्वारा तैयार की जा रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रशासनिक जरूरतों के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान से भी जोड़ा गया है।
सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में ग्राम टेलापालन, तहसील बागेश्वर स्थित 45 नाली भूमि पर प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर चर्चा की गई। करीब 17.52 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस परिसर को उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति ने कहा कि भवन का डिजाइन ऐसा हो जो पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को प्रतिबिंबित करे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि भवन पर्यावरण के अनुकूल, आकर्षक और स्थानीय स्थापत्य कला पर आधारित हो। साथ ही दूसरे तल पर प्रस्तावित कमरों में आवश्यक बदलाव कर योजना को और उपयोगी बनाने को कहा गया।
परियोजना के तहत अलग-अलग भवनों के बजाय सभी श्रेणी के अतिथि कक्ष, कॉन्फ्रेंस हॉल और अन्य सुविधाओं को एकीकृत भवन मॉडल में विकसित करने पर जोर दिया गया। इससे निर्माण लागत नियंत्रित रहेगी, रखरखाव आसान होगा और आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस राज्य अतिथि गृह के बनने से बागेश्वर में प्रशासनिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही अधिकारियों, विशिष्ट अतिथियों और पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे स्थानीय पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच है कि विकास की रोशनी प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अतिथि गृह आधुनिक सुविधाओं, स्थानीय वास्तुकला और गुणवत्तापूर्ण निर्माण का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा तथा भविष्य में प्रशासनिक बैठकों और सरकारी कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र भी साबित होगा।




