उत्तराखण्ड
‘विकास की भाग्य रेखाएं’ गढ़ रहा भारत, एक्सप्रेसवे से बदलेगी उत्तराखंड की तस्वीर।

संवादसूत्र देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे (इकोनॉमिक कॉरिडोर) का लोकार्पण करते हुए कहा कि 21वीं सदी का भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए विकास की नई “भाग्य रेखाएं” बना रहा है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से अब दिल्ली से देहरादून की दूरी महज ढाई से तीन घंटे में पूरी की जा सकेगी।
‘विकास की भाग्य रेखाएं बना रहा देश’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश में हाईवे, रेलवे और एक्सप्रेसवे ही विकास की असली “भाग्य रेखाएं” हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश हो रहा है, जिससे समय और लागत दोनों में कमी आएगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उत्तराखंड को मिलेगा बड़ा लाभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस परियोजना से देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा को बड़ा लाभ मिलेगा। राज्य में पर्यटन, विंटर टूरिज्म और धार्मिक यात्राओं को इससे नई गति मिलेगी।
‘नमोमय’ रहा रोड शो, जनता का अभूतपूर्व उत्साह
प्रधानमंत्री ने कहा कि देहरादून पहुंचने में उन्हें देरी इसलिए हुई क्योंकि लगभग 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में जनता का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हजारों लोग सड़क किनारे खड़े होकर उनका स्वागत कर रहे थे, जिससे यात्रा की गति धीमी हो गई।
नारी शक्ति और सेना का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन की अपील करते हुए सभी राजनीतिक दलों से इसे आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और सेना का गहरा संबंध है, और ‘वन रैंक वन पेंशन’ जैसी योजनाओं से पूर्व सैनिकों को लाभ मिला है।
कुंभ और चारधाम पर फोकस
उन्होंने कहा कि आने वाले हरिद्वार कुंभ को दिव्य और भव्य बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। साथ ही चारधाम यात्रा और शीतकालीन पर्यटन में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को राज्य के विकास का संकेत बताया।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव
प्रधानमंत्री ने पंच केदार, पंच बद्री और स्थानीय देवी-देवताओं को नमन करते हुए उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को देश की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि “प्रगति, प्रकृति और संस्कृति” के संतुलन के साथ विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है।




