उत्तराखण्ड
एलयूसीसी चिटफंड घोटाले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, दो मास्टरमाइंड मुंबई से गिरफ्तार।

संवादसूत्र देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने मामले के दो कथित मास्टरमाइंड किशन जैन और पंकज जैन को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर निवेशकों की करोड़ों रुपये की जमा राशि के दुरुपयोग और गबन का आरोप है।
लंबे समय से फरार थे दोनों आरोपित
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार किशन जैन और पंकज जैन की लंबे समय से तलाश की जा रही थी। विस्तृत जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों को मुंबई से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया गया, जहां विशेष बड्स (BUDS) अदालत में पेश किया गया।
कई महीनों की जांच के बाद कार्रवाई
सीबीआई ने बताया कि यह गिरफ्तारी कई महीनों तक चली गहन जांच का परिणाम है। एजेंसी ने बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों और मौखिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके अलावा विभिन्न राज्यों में फील्ड जांच कर आरोपितों की गतिविधियों की पड़ताल की गई।
एक लाख से अधिक निवेशकों के 800 करोड़ रुपये दांव पर
जांच में सामने आया है कि एलयूसीसी की विभिन्न निवेश योजनाओं में एक लाख से अधिक लोगों ने धनराशि जमा की थी। सीबीआई के मुताबिक संस्था ने करीब 800 करोड़ रुपये जुटाए थे। आरोप है कि इस राशि का निर्धारित उद्देश्यों के बजाय दुरुपयोग किया गया और विभिन्न माध्यमों से धन को इधर-उधर स्थानांतरित किया गया।
हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट के निर्देश पर नवंबर 2025 में सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली थी। तब से एजेंसी लगातार बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
सीबीआई इससे पहले मई 2026 में इस मामले में पांच अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी आरोपित वर्तमान में देहरादून की सुद्धोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। ताजा गिरफ्तारी को जांच में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
जांच अभी जारी
सीबीआई का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि निवेशकों की राशि किन-किन माध्यमों से स्थानांतरित की गई और इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।




