उत्तराखण्ड
ऋषिकेश बाईपास 4-लेन परियोजना: ₹1105 करोड़ की मंजूरी से उत्तराखंड को बड़ी सौगात।

देहरादून/ऋषिकेश: उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो गई है। यह परियोजना लंबे समय से प्रतीक्षित थी और इसके पूरा होने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।
🚧 परियोजना का पूरा विवरण
यह बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग-7 (NH-7) पर विकसित किया जाएगा। इसका निर्माण टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक किया जाएगा। कुल 12.67 किलोमीटर लंबा यह मार्ग भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा।
इस परियोजना को EPC (Engineering, Procurement and Construction) मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा, जिसमें ठेकेदार को निर्धारित समय और लागत के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होगा।
💰 लागत और स्वीकृति प्रक्रिया
परियोजना की लागत को कई चरणों में अंतिम रूप दिया गया—
प्रारंभिक अनुमान: ₹1151.18 करोड़
संशोधित लागत: ₹1139.40 करोड़
अंतिम स्वीकृत लागत: ₹1105.79 करोड़
यह राशि भारत सरकार के बजट (GBS) 2025-26 के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। कार्य आवंटन ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
⏳ समयसीमा और शर्तें
परियोजना को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
लागत में वृद्धि स्वीकार नहीं होगी
समय सीमा का कड़ाई से पालन किया जाएगा
सभी कार्य निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप होंगे
🚗 यातायात और आम जनता को लाभ
ऋषिकेश, जो चारधाम यात्रा का प्रमुख प्रवेश द्वार है, वहां अक्सर जाम की गंभीर समस्या बनी रहती है। इस बाईपास के निर्माण से:
शहर के भीतर यातायात दबाव कम होगा
जाम से बड़ी राहत मिलेगी
यात्रा समय घटेगा
स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी
🛕 चारधाम यात्रा और पर्यटन को बढ़ावा
ऋषिकेश से होकर ही बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा शुरू होती है। ऐसे में यह परियोजना:
चारधाम यात्रा को अधिक सुगम बनाएगी
देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर अनुभव सुनिश्चित करेगी
उत्तराखंड को ऑल-सीजन टूरिज्म हब बनाने में मदद करेगी
🗣️ मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार बेहतर सड़क नेटवर्क के माध्यम से विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि:
“यह परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास और मजबूत कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
📊 प्रशासनिक व्यवस्था
देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है
परियोजना की निगरानी और क्रियान्वयन केंद्र और राज्य के समन्वय से होगा




