उत्तराखण्ड
विकसित उत्तराखंड–2047 पर ठोस रणनीति पर मंथन।

संवादसूत्र देहरादून: चिंतन शिविर के द्वितीय दिवस विकसित उत्तराखंड–2047 के विज़न को धरातल पर उतारने के लिए ठोस, सहभागी एवं दीर्घकालिक रणनीतियों पर व्यापक मंथन किया गया। शिविर की अध्यक्षता मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन ने की।
शिविर के प्रथम सत्र में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलित विकास पर जोर दिया गया। प्राकृतिक संसाधनों, जल स्रोतों, वनों एवं जैव विविधता के संरक्षण को राज्य की आर्थिक समृद्धि का आधार बताया गया।
द्वितीय सत्र में स्थानीय स्वशासन, पंचायतों एवं स्थानीय निकायों की सहभागिता से विकास के रोडमैप पर विचार किया गया। नीचे से ऊपर नियोजन, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के निर्माण तथा संस्थागत सशक्तिकरण को समावेशी विकास की कुंजी बताया गया।
तृतीय सत्र में वित्तीय संसाधनों की सुरक्षा, सुशासन, सुरक्षा व्यवस्था एवं प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा हुई। तकनीक-सक्षम शासन, पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था को जनविश्वास एवं विकास के लिए आवश्यक बताया गया।
समापन पर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि विकसित उत्तराखंड–2047 की तर्ज पर प्रत्येक जनपद के लिए विकसित जिला कार्ययोजना तैयार की जाए तथा लक्ष्यों की नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए।




