उत्तराखण्ड
पीआईबी की ‘वार्ता’ कार्यशाला में केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों पर मंथन।

संवादसूत्र देहरादून /ऋषिकेश। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), देहरादून द्वारा मंगलवार को रेल विकास निगम सभागार, ऋषिकेश में एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्ता’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय “लोक सेवा ही संकल्प- 12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के” रहा, जिसकी शुरुआत केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर आधारित पांच पुस्तिकाओं के विमोचन के साथ हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऋषिकेश के मेयर शम्भू पासवान ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की योजनाओं ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी, पीएम स्वनिधि, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। साथ ही ऑल वेदर रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना जैसे बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट उत्तराखंड के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
रेल विकास निगम के डीजीएम ओमप्रकाश मालगुडी ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी और वर्तमान में अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत 16 सुरंगों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसे आबादी एवं पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव के साथ विकसित किया जा रहा है।
रेल विकास निगम के मुख्य भू-वैज्ञानिक विजय डंगवाल ने बताया कि हिमालयी भूगोल और जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए रेल परियोजना का एलाइनमेंट तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि सुरंगों से निकलने वाले जल का उपयोग अमृत सरोवर परियोजना के तहत जल संरक्षण के लिए किया जाएगा, जिससे पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के एचओडी (बिजनेस) रोहित बडोला ने पीएम स्वनिधि, मुद्रा योजना और डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं के विस्तार से आमजन, विशेषकर स्ट्रीट वेंडर्स और ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक मजबूती मिल रही है।
पीआईबी देहरादून के मीडिया एवं संचार अधिकारी अनिल दत्त शर्मा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य क्षेत्रीय मीडिया और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत संवाददाताओं के साथ समन्वय स्थापित कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सटीक एवं प्रामाणिक जानकारी आम जनता तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों और वरिष्ठ पत्रकारों ने भी विकासात्मक पत्रकारिता की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।




