उत्तराखण्ड
29 मई को देहरादून में आयोजित होगा ब्रिक्स अकादमिक मध्यावधि सम्मेलन।

संवादसूत्र देहरादून: 29 मई, शुक्रवार को देहरादून में ब्रिक्स अकादमिक मध्यावधि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन, रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज तथा दून विश्वविद्यालय के संयुक्त सहयोग से आयोजित होगा। सम्मेलन भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के निर्माण” के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन संबोधित करेंगे। इसके बाद उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का विशेष वीडियो संदेश प्रसारित किया जाएगा। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (बहुपक्षीय आर्थिक संबंध) एवं ब्रिक्स उप-शेरपा शंभू एल. हक्की मुख्य संबोधन देंगे।
हिमालयी जलवायु अध्ययन और पर्यावरण अनुसंधान के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान रखने वाला देहरादून इस सम्मेलन के लिए उपयुक्त स्थल माना जा रहा है। सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के प्रमुख विद्वान, नीति विशेषज्ञ और विचारक भाग लेंगे। इसमें तीन प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी— विभाजित वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच हरित औद्योगिक परिवर्तन, स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण तथा न्यायपूर्ण हरित बदलाव सुनिश्चित करने के लिए जलवायु वित्त का विस्तार।
ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष समीर सरन ने कहा कि भविष्य के लिए नए रास्ते तैयार करने के उद्देश्य से ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग और संवाद पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि ब्रिक्स देश साझा निष्कर्षों तक पहुंचते हैं, तो वे पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शक मॉडल बन सकते हैं।
विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) और भारत के ब्रिक्स शेरपा सुधाकर दलेला ने कहा कि ब्रिक्स अकादमिक फोरम लगातार ब्रिक्स प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। यह मंच विद्वानों और नीति विशेषज्ञों को वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा के लिए एक साथ लाता है तथा उनके सुझावों को व्यावहारिक नीति सिफारिशों में परिवर्तित करता है।
सम्मेलन से ऐसे रोडमैप की अपेक्षा की जा रही है जो पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित कर सके। साथ ही जलवायु वित्त के व्यावहारिक ढांचे तथा सदस्य देशों के बीच औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के सुझाव भी सामने आने की संभावना है।




