उत्तराखण्ड
ओडिशा–उत्तराखंड के बीच संवाद का सेतु: मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात।

संवादसूत्र देहरादून: भुवनेश्वर स्थित लोक भवन में उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने हरि बाबू कंभमपति से शिष्टाचार भेंट कर दोनों राज्यों के बीच विकास, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की।
प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) देहरादून द्वारा आयोजित इस प्रेस टूर में 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शामिल है, जिसका नेतृत्व सहायक निदेशक संजीव कुमार सुन्द्रियाल कर रहे हैं।
बैठक के दौरान राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने कहा कि ओडिशा और उत्तराखंड दोनों ही धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध हैं। उन्होंने जगन्नाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर का उल्लेख करते हुए इन्हें देश की आध्यात्मिक एकता के महत्वपूर्ण प्रतीक बताया।
राज्यपाल ने ओडिशा के विकास की चर्चा करते हुए बताया कि राज्य आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत ढांचे के क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पहले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में भी अब स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है।
औद्योगिक प्रगति पर उन्होंने बताया कि खनिज संपदा से समृद्ध ओडिशा में एल्यूमिनियम समेत विभिन्न उद्योगों में निवेश बढ़ रहा है, जिससे आर्थिक विकास को नई गति मिल रही है। साथ ही, सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में हो रहे निवेश से राज्य एक उभरते हुए तकनीकी और शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
उत्तराखंड से अपने जुड़ाव को साझा करते हुए राज्यपाल ने वर्ष 2012–13 के अपने दौरे का उल्लेख किया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा दिए गए औद्योगिक पैकेज को राज्य के विकास में अहम बताया।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के योगदान की सराहना करते हुए दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का उदाहरण दिया, जिससे कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
राज्यपाल ने ऐसे संवादों को राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राज्यों के बीच अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान देश के समग्र विकास को गति देता है। उन्होंने मीडिया को समाज का दर्पण बताते हुए जिम्मेदार और सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।




