उत्तराखण्ड
राजस्थान के सवाईपुरा से ‘स्मार्ट गाँव’ मिशन की शुरुआत, CBRI रुड़की ने दिखाई विकसित भारत @2047 की राह।

संवादसूत्र देहरादून/पाली: ग्रामीण भारत के समग्र, समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के अंतर्गत केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI), रुड़की ने राजस्थान के पाली जिले के सवाईपुरा गाँव से “स्मार्ट गाँव” मिशन-मोड परियोजना का औपचारिक शुभारंभ किया। यह परियोजना प्रधानमंत्री के “विकसित भारत @2047” के विज़न के अनुरूप ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने, आजीविका सुदृढ़ करने और जलवायु-सहनशील विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
इस मिशन का उद्घाटन सांसद, पाली, पी. पी. चौधरी तथा सीएसआईआर की महानिदेशक एवं डीएसआईआर की सचिव डॉ. (श्रीमती) एन. कलैसेल्वी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में पाली विधानसभा क्षेत्र के विधायक भीमराज भाटी, सीएसआईआर–सीबीआरआई के निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार रमनचरला, सीएसआईआर–सीरी के निदेशक डॉ. पी. सी. पंचारिया सहित जिला प्रशासन, ग्राम प्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संगठनों और विभिन्न सीएसआईआर प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान देश की 14 सीएसआईआर प्रयोगशालाओं के वैज्ञानिकों ने सवाईपुरा गाँव में विस्तृत आवश्यकता-आधारित सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण के आधार पर गाँव की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी समाधानों की पहचान की गई। मौके पर आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी में आवास एवं अधोसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन, कृषि, आजीविका संवर्धन और डिजिटल तकनीकों से जुड़े नवाचारों का प्रदर्शन किया गया।
इनमें कूल रूफ तकनीक, कम लागत आवास, ग्रामीण सड़क समाधान, सौर ऊर्जा प्रणालियाँ, सुरक्षित पेयजल तकनीक, अपशिष्ट जल एवं फीकल स्लज उपचार, औषधीय एवं सुगंधित फसलें, मधुमक्खी पालन, मिलेट मूल्य संवर्धन, स्मार्ट कृषि यंत्र, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, बायोगैस एवं कम्पोस्टिंग जैसे समाधान शामिल रहे। इसके साथ ही एआई-सक्षम डिजिटल प्रणालियाँ—जैसे स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन, स्वास्थ्य निगरानी, दुग्ध गुणवत्ता विश्लेषण तथा मानव–वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण—भी प्रदर्शित की गईं।
सीएसआईआर–सीबीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. किशोर एस. कुलकर्णी इस “स्मार्ट गाँव” मिशन के नोडल समन्वयक हैं। कार्यक्रम के दौरान बाल रक्षा भारत, नई दिल्ली के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए, जो परियोजना के क्रियान्वयन भागीदार के रूप में कार्य करेगा।
कार्यक्रम के अंत में गाँव के ग्रामीणों ने वैज्ञानिकों के साथ संवाद कर अपनी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को साझा किया। यह पहल सवाईपुरा को एक आदर्श स्मार्ट गाँव के रूप में विकसित करने के साथ-साथ देश के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करेगी।




