उत्तराखण्ड
‘शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ कार्यशाला में पहुंचे मुख्यमंत्री, विज्ञान में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ विषयक कार्यशाला में प्रतिभाग करते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के उत्थान और बेटियों को विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में अनेक ठोस कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 1.67 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक मजबूती प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ड्रॉप आउट छात्राओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चला रही है, ताकि कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे। बालिकाओं में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है। स्कूल स्तर से ही विज्ञान आधारित गतिविधियों, नवाचार प्रयोगशालाओं और मेंटरशिप कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप बेटियों को आधुनिक शिक्षा, डिजिटल संसाधन और शोध के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बन सकें। उन्होंने आह्वान किया कि समाज के सभी वर्ग बेटियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सहयोग करें।
कार्यशाला में शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षकों, छात्राओं और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बालिकाओं द्वारा विज्ञान




