उत्तराखण्ड
विकास ,सुशासन और जनकल्याण के विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही सरकार: मुख्यमंत्री।

संवादसूत्र देहरादून/ गैरसैंण: ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) स्थित विधानसभा में बुधवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत देवभूमि के देवी-देवताओं, देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के त्याग और संघर्ष के कारण ही आज राज्य विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
गैरसैंण उम्मीदों और स्वाभिमान का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए गैरसैंण केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि पहाड़ की आकांक्षाओं, उम्मीदों और स्वाभिमान का प्रतीक है। यह उस संकल्प का प्रतीक है जिसके लिए राज्य आंदोलन चला था। इसलिए सरकार की नीतियों और योजनाओं में गैरसैंण की भावना को प्राथमिकता दी गई है।
अटल जी के सपने को साकार करने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य को नई दिशा और गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2021 में बाबा केदार की धरती से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” और राज्य सरकार इस संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ऐतिहासिक बजट से विकास की दिशा तय
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है। यह वर्तमान विधानसभा का अंतिम पूर्णकालिक बजट होने के साथ राज्य के भविष्य के विकास का रोडमैप भी है। उन्होंने बताया कि इस बार बजट का आकार लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं बल्कि राज्य के सवा करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।
घोषणाओं को धरातल पर उतारने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा भी करती है। उन्होंने बताया कि मुख्यसेवक के रूप में की गई 3885 घोषणाओं में से 2408 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष पर तेजी से कार्य जारी है।
आर्थिक विकास में तेजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य की जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य बजट का आकार भी 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
रोजगार और उद्योगों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार ने 30 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर करीब 1750 तक पहुंच गई है। पर्यटन, होटल और होमस्टे क्षेत्र के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
नकल माफिया और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नकल माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। पिछले साढ़े चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जबकि भ्रष्टाचार के मामलों में 200 से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है। इस कानून से महिलाओं को समान अधिकार मिले हैं और समाज में समानता और न्याय की भावना को मजबूती मिली है। इसके साथ ही राज्य की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए सख्त भू-कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किए गए हैं।
कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से राज्य में करीब दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना और चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना जैसी योजनाएं उत्तराखंड के विकास को नई गति देंगी।
किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें तीन लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है और कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं और प्रदेश की करीब 1.70 लाख महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं।
पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक, साहसिक और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। केदारखंड और मानसखंड मंदिरों के विकास, शीतकालीन यात्रा और फिल्म पर्यटन के माध्यम से राज्य की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाते हुए उत्तराखंड का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग और सरकार की प्रतिबद्धता से राज्य आने वाले वर्षों में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।




