उत्तराखण्ड
जागरण फोरम में मुख्यमंत्री का बेबाक संवाद, बोले—उत्तराखंड आज संभावनाओं का नया द्वार।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दैनिक जागरण समूह द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित “जागरण फोरम” संवाद कार्यक्रम में सहभागिता की। “उत्तराखंड : संभावनाओं का नया द्वार” विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णयों पर विस्तार से अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का प्रत्येक निर्णय राज्य के दीर्घकालिक हित, सामाजिक संतुलन, सांस्कृतिक संरक्षण और विकास की गति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बीते वर्षों में लिए गए साहसिक फैसले केवल वर्तमान ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मजबूत उत्तराखंड की नींव रख रहे हैं।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार की नीतियों, कानूनों और प्रशासनिक निर्णयों की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार पारदर्शिता और संवाद में विश्वास रखती है। जनता के सामने हर निर्णय का तर्क और उद्देश्य रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
समान नागरिक संहिता पर ऐतिहासिक निर्णय
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता लागू करने के निर्णय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कदम सामाजिक समानता, न्याय और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया है। यह किसी वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू करने का साहसिक निर्णय लिया।
शिक्षा में समानता के लिए मदरसा बोर्ड भंग
मुख्यमंत्री ने मदरसा बोर्ड को भंग करने के निर्णय पर कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। यह फैसला किसी समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा और राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में उठाया गया कदम है।
लैंड जिहाद और लव जिहाद पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक संरचना और जनसांख्यिकी की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लैंड जिहाद के खिलाफ अभियान के तहत अब तक 10,000 एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। यह अभियान राज्य की अस्मिता और संसाधनों की रक्षा से जुड़ा है।
धर्मांतरण रोधी कानून से स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जबरन, प्रलोभन या षड्यंत्र के माध्यम से होने वाले धर्मांतरण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सख्त धर्मांतरण रोधी कानून समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए बनाया गया है।
युवाओं को रोजगार, नकल पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते साढ़े चार वर्षों में राज्य सरकार ने 27,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। यह पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और सख्त नकल विरोधी कानूनों का परिणाम है। इससे युवाओं का शासन व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है और पलायन पर भी रोक लगी है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज निवेश, रोजगार और सामाजिक स्थिरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मजबूत कानून व्यवस्था, स्पष्ट नीतियां और निर्णायक नेतृत्व राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
इस अवसर पर दैनिक जागरण समूह के वरिष्ठ पदाधिकारी, संपादकीय प्रतिनिधि, विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।




