उत्तराखण्ड
धीमी रफ्तार पर सख्त मुख्य सचिव, लापरवाह प्रोजेक्ट्स के लिए अफसर जिम्मेदार।

संवादसूत्र देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने पूंजीगत व्यय, सीएसएस योजनाओं, एसएएससीआई, एसएनए स्पर्श एवं विभागीय व्यय योजनाओं की समीक्षा के दौरान धीमी गति से चल रहे प्रोजेक्ट्स पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि वाह्य सहायतित योजनाओं (ईएपी) सहित जिन परियोजनाओं में प्रगति धीमी है, उनमें तत्काल तेजी लाई जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रोजेक्ट्स की सुस्ती के लिए विभागाध्यक्ष और संबंधित सचिव सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
उद्यान–कृषि में बड़े इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट्स पर जोर
मुख्य सचिव ने उद्यान और कृषि विभाग को मिलकर सेब, कीवी और ऐरोमा फसलों के क्षेत्र में इंटीग्रेटेड फार्मिंग आधारित बड़े प्रोजेक्ट्स तैयार करने के निर्देश दिए। फिशरीज के अंतर्गत ट्राउट उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कोल्ड स्टोरेज सहित बड़े प्रोजेक्ट्स बनाने को कहा गया। उन्होंने पशुपालन और सहकारिता विभाग को भी लाइवस्टॉक व फिशरीज को लेकर संयुक्त परियोजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए।
प्रदेशभर में कोल्ड स्टोरेज चेन विकसित करने के निर्देश
ऐपल मिशन के तहत सेब उत्पादन के लिए नर्सरी और कोल्ड स्टोरेज चेन विकसित करने पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में जहां आवश्यकता हो, वहां कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था की जाए, ताकि किसान अपने उत्पाद सुरक्षित रखकर अनुकूल समय पर बाजार में बेच सकें।
पीएमजीएसवाई के भूमि मुआवजे पर मिशन मोड
मुख्य सचिव ने पीएमजीएसवाई के तहत भूमि मुआवजा वितरण को इस वित्तीय वर्ष में शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारियों को जिलावार डेटा उपलब्ध कराते हुए अभियान चलाकर मुआवजा वितरण शून्य स्तर पर लाने को कहा गया। कृषि विभाग को चैन लिंक फेंसिंग के प्रस्तावों की प्राथमिकता तय कर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।
जल संरक्षण के लिए बैराज और चेक डैम के बड़े प्रोजेक्ट्स
स्प्रिंग एवं रिवर रेजूविनेशन प्राधिकरण (सारा) के तहत जल संरक्षण के लिए छोटे बैराज और चेक डैम के बड़े प्रोजेक्ट्स तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सारा के तहत उपलब्ध फंड का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया। परिवहन विभाग को नए बस स्टेशन और चार्जिंग स्टेशन के कार्यों में तेजी लाकर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
30 जनवरी तक प्रस्ताव न भेजे तो कट सकता है फंड
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को मार्च 2026 तक के अपने लक्ष्य तत्काल वित्त विभाग को उपलब्ध कराने और 30 जनवरी तक सभी प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके बाद प्राप्त प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा और आबंटित फंड्स अच्छा प्रदर्शन करने वाले विभागों को ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री एल. फैनाई, सचिव श्री दिलीप जावलकर, डॉ. वी. षणमुगम, श्री बृजेश कुमार संत, डॉ. अहमद इक़बाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




