उत्तराखण्ड
रात्रिकालीन कार्यों को सशर्त अनुमति, लापरवाही पर डीएम का सख्त एक्शन।

संवादसूत्र देहरादून:जनपद में विकास कार्यों को गति देने और आम जनता की सुविधाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को आयोजित जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक में विभिन्न विभागों और एजेंसियों के भूमिगत कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान, विद्युत विभाग, गेल, वोडाफोन, टाटा कम्युनिकेशन, केएफडब्ल्यू, पीएसयू सहित 14 विभागों के प्रस्तावों पर विचार किया गया। उच्च प्राथमिकता वाले कुछ कार्यों को रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सशर्त अनुमति प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को कार्य शुरू करने से पहले पर्याप्त मशीनरी और मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। मानसून के मद्देनजर जिन सड़कों का सुधारीकरण हो चुका है, वहां किसी भी प्रकार की रोड कटिंग या खुदाई पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान ईसी रोड स्थित होटल रिजेंट के निकट सीवर चैंबर निर्माण और ट्रंक लाइन इंटरकनेक्शन के मात्र दो से तीन दिन के कार्य के लिए दिसंबर से अनुमति लंबित रखने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। इस मामले में पीआईयू स्मार्ट सिटी के संबंधित सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई। डीएम ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी और लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने सभी सक्षम अधिकारियों का औपचारिक व्हाट्सएप समूह बनाने के निर्देश दिए, ताकि नियमित मॉनिटरिंग और त्वरित संवाद के माध्यम से कार्यों की प्रगति पर नजर रखी जा सके।
डीएम ने चेतावनी दी कि अनुमति मिलने के बावजूद समय पर कार्य पूरा न करने वाली एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा, उनकी आरसी काटी जाएगी और आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की विफलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि निर्माण कार्यों के दौरान किसी अन्य विभाग की परिसंपत्ति क्षतिग्रस्त होती है तो संबंधित एजेंसी उसे तत्काल ठीक कराए। सभी निर्माण एजेंसियों को पर्याप्त मैनपावर और मशीनरी लगाकर कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मानकों से समझौता नहीं, उल्लंघन पर मुकदमा
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, खुदाई अधूरी छोड़ने या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ जब्ती और मुकदमा दर्ज करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि रात में की गई खुदाई के गड्ढों को सुबह तक भरना अनिवार्य होगा। साथ ही कार्यस्थलों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और साइनबोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बैठक में विभिन्न विभागों और एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




